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आप सत्ता की हवस में इतना गिर जाएंगे कि भगवान के रजिस्टर में भी फ़र्ज़ीवाड़ा करेंगे: कांग्रेस

गुजरात विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर शुरू होकर राहुल गांधी के परनाना यानी जवाहरलाल नेहरू और उनके हिंदू या गैरहिंदू होने तक पहुंच गया है. बुधवार को पूरा दिन इस बात पर घमासान हुआ कि राहुल गांधी हिंदू हैं कि गैरहिंदू हैं.

गुजरात के सोमनाथ मंदिर में राहुल के दर्शन के लिए जाने के दौरान उनका नाम एक रजिस्टर में ‘अहिंदू’ के रूप में कथित तौर पर दर्ज होने को लेकर छिड़े विवाद के बीच कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष ‘अनन्य शिवभक्त’ हैं तथा वह सत्य के मार्ग में विश्वास करते हैं. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा आम आदमी से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के षड्यंत्र कर रही है.

दूसरी तरफ, राहुल गांधी के हिंदू होने या न होने की बहस पर ट्विटर पर बवाल मच गया. इस पर कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके कहा गया, ‘स्पष्टीकरण: सोमनाथ मंदिर में केवल एक ही आगंतुक पुस्तिका में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने स्वयं हस्ताक्षर किए हैं. अन्य कोई भी तस्वीर पूरी तरह से बनावटी और फर्जी है.’

सोशल मीडिया पर एक अन्य रजिस्टर का स्क्रीनशॉट वायरल हुआ जिसमें राहुल गांधी और अहमद पटेल का नाम उनके मीडिया कोआॅर्डिनेटर की ओर से लिखा गया है. कांग्रेस ने इसे फर्जी बताया.

राहुल गांधी का सोमनाथ मंदिर जाना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाने क्यों नागवार गुजरा. मोदी ने कहा, ‘आज सोमनाथ की पताका पूरे विश्व में फहरा रही है. आज जिन लोगों को सोमनाथ याद आ रहे हैं, इनसे एक बार पूछिए कि तुम्हें इतिहास पता है? तुम्हारे परनाना, तुम्हारे पिता जी के नाना, तुम्हारी दादी मां के पिता जी, जो इस देश के पहले प्रधानमंत्री थे. जब सरदार पटेल सोमनाथ का उद्धार करा रहे थे तब उनकी भौहें तन गईं थीं.’

मोदी ने कहा, ‘भारत के राष्ट्रपति डॉ. राजेद्र प्रसाद को सरदार बल्लभभाई पटेल ने उद्घाटन के समय सोमनाथ आने का न्योता दिया. तब तुम्हारे परनाना पंडित जवाहर लाल नेहरू ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पत्र लिखकर सोमनाथ के कार्यक्रम में जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी.’

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, राहुल अगर मंदिर जाएं तो उस पर भी भाजपा को ऐतराज है. सच्चाई यह है कि भाजपा बौखलाई और घबराई है. अब वह फर्जीवाड़ा, साजिश और षडयंत्र पर उतर आई है. राहुल गांधी के मंदिर जाने पर एक झूठा और कुत्सित विवाद करने का प्रयत्न किया गया.’

कांग्रेस प्रवक्ता दीपेंद्र हुड्डा ने इस विवाद के बारे में प्रश्न किए जाने पर संवाददाताओं से कहा कि राहुल ने सोमनाथ मंदिर की आंगतुक पंजिका में स्वयं हस्ताक्षर किए हैं और इसे एक ‘काफी प्रेरणादायक स्थल’ लिखा है. उन्होंने दावा किया कि यह विवाद भाजपा द्वारा गुजरात के समक्ष पेश वास्तविक मुद्दों से ध्यान बंटाने की एक साजिश है ताकि चुनाव में ध्रुवीकरण किया जा सके.

हुड्डा ने कहा, ‘ये भाजपा के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है.’ उन्होंने कहा कि गुजरात का चुनाव 22 साल के भाजपा कुशासन की जवाबदेही के आधार पर लड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव साढ़े छह करोड़ गुजरातियों और भाजपा के बीच है. ‘एक तरफ षडयंत्र है, साजिश है, बाहुबल है, धनबल है और दूसरी तरफ जनबल है. गुजरात की जनता का जनबल कांग्रेस के साथ है.’

हुड्डा ने कहा, ‘सारा देश जानता है कि राहुल गांधी जी एक अनन्य शिवभक्त हैं. राहुलजी शिवभक्त होने के कारण सत्य के मार्ग में विश्वास करते हैं औ सत्य हमारे साथ है.’कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से अंग्रेजी में ट्वीट किया गया, ‘स्पष्टीकरण: सोमनाथ मंदिर में केवल एक आगंतुक पंजिका है जिस पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हस्ताक्षर किये हैं. जारी की जा रही अन्य कोई भी तस्वीर हेरफेर कर बनायी गयी है. हताशा भरे समय में हताशा भरे उपायों की जरूरत पड़ती है.’

हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार को गुजरात में लोगों की काफी नाराजगी झेलनी पड़ रही है क्योंकि यह सभी मोर्चों पर बुरी तरह विफल रही है.सुरजेवाला ने कहा, ‘राहुल गांधी न सिर्फ हिंदू धर्म से हैं, बल्कि ‘जनेऊधारी’ हिंदू हैं. उन्होंने राजीव गांधी की अंत्येष्टि के समय की राहुल गांधी की फोटो दिखाई जिसमें राहुल गांधी जनेऊ पहने हैं. उन्होंने राहुल गांधी के नामांकन और प्रियंका के विवाह के समय की भी एक फोटो दिखाई.

सुरजेवाला ने कहा, ‘मेरा भाजपा से आग्रह है कि राजनीति को पाताल से भी निम्न स्तर पर मत गिराइए. समाज की शुचिता और भारत की सभ्यता को सत्ता की हवस और अहंकार में इतना मत गिराइए कि देशवासी आपसे ग्लानि करें.’ एनडीटीवी के मुताबिक, कांग्रेस राहुल गांधी की कुछ पुरानी तस्वीरें भी जारी  करके यह साबित करने की कोशिश की कि राहुल गांधी ‘जनेऊधारी’ हिंदू हैं.

सुरजेवाला ने तल्ख लहजे में पूछा, ‘हम प्रधानमंत्री का सम्मान करते आए हैं और करेंगे परंतु अमित शाह और नरेंद्र मोदी जिस भगवान सोमनाथ मंदिर के ट्रस्टी हैं, वहां पर इतना ओछा और इतना सस्ता और इतना घटिया षडयंत्र वाजिब है? क्या सत्ता के अंधेपन, सत्ता की हवस, सत्ता के अहंकार में इतना गिर जाएंगे कि भगवान के रजिस्टर में भी फर्जीवाड़ा करके पेश करेंगे?’

उन्होंने मीडिया पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, ‘मैं मीडिया के साथियों का सम्मान करता हूं लेकिन लानत है कि तमाम पत्रकार बिना तथ्य को जांचे, षडयंत्र और ओछी राजनीति में उलझकर स्टोरी चलाने लगे.’

राफेल सौदे पर राहुल ने मोदी को लिया आड़े हाथ

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ गुजरात की दो दिवसीय यात्रा शुरू की, पाटीदार समुदाय तक पहुंच कायम करने की कोशिश की और राफेल लड़ाकू विमान करार के मुद्दे पर चुप्पी साधने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला. गिर सोमनाथ जिले में दोपहर के वक्त भगवान शिव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद राहुल ने जूनागढ़ जिले के विसावदर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया.

साल 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान इस समुदाय के 14 सदस्यों के पुलिस फायरिंग में मारे जाने की घटना का हवाला देते हुए राहुल ने कहा कि यदि कोई अपनी आवाज उठाता है तो गुजरात में या तो उसकी पिटाई कर दी जाती है या उसे गोलियों का सामना करना पड़ता है.

राहुल ने कहा, यहां सारे समुदाय सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं. लेकिन गुजरात में आवाज उठाने पर आपको क्या मिल रहा है? आपको पीटा जाता है, आपको गोलियों का सामना करना पड़ता है. राजनीतिक तौर पर निर्णायक सौराष्ट्र क्षेत्र में विसावदर पाटीदार बहुल विधानसभा क्षेत्र है.

उन्होंने कहा, मैंने राफेल करार पर मोदी जी से तीन सवाल पूछे. पहला, क्या फ्रांसीसी कंपनी के साथ हुए पहले और दूसरे अनुबंध में विमानों की लागत में कोई फर्क है कृपया हां या नहीं में जवाब दें. राहुल ने कहा, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड की बजाय एक निजी उद्योगपति मित्र को ठेका क्यों दिया गया और क्या आपने करार के लिए कैबिनेट की सुरक्षा समिति सीसीएस से मंजूरी ली?

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यह भी जानना चाहा कि लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए पिछले साल फ्रांस के साथ करार को औपचारिक रूप देने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उनके सवालों के जवाब देने से परहेज कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके गृह राज्य में हो रहे अहम चुनावों से पहले सच्चाई सामने आ जाएगी.

राहुल ने कहा, नरेंद्र मोदीजी इन सवालों के जवाब नहीं दे रहे क्योंकि वह चाहते हैं कि राफेल और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की सच्चाई गुजरात चुनावों से पहले लोगों के सामने नहीं आ सके.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को रबर स्टैंप करार देते हुए राहुल ने कहा कि दरअसल अमित शाह इस सरकार को चला रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित करने में इसलिए देरी की क्योंकि मोदी गुजरात चुनाव से पहले राफेल करार और जय शाह के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं.

राहुल ने कहा, अमूमन संसद का शीतकालीन सत्र हर साल नवंबर में आयोजित होता है और लोकसभा एवं राज्यसभा में चर्चा होती है. लेकिन दो कारणों से इस बार गुजरात चुनावों के बाद संसद सत्र होगा.

उन्होंने भाजपा शासित गुजरात में किसानों की समस्याओं और बेरोजगारी के मुद्दों पर मोदी सरकार की आलोचना की. गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं. वहां दो चरणों में मतदान होने वाले हैं.