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वाराणसी पुल हादसे पर विपक्ष के निशाने पर योगी सरकार

वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को एक निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा ढह जाने से मलबे में दबकर कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर समेत चार अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया। इस दर्दनाक घटना के बाद विपक्ष योगी सरकार को घेरने में लग गया है।

उप्र के राहत आयुक्त संजय कुमार ने पीटीआई को बताया कि वाराणसी फ्लाईओवर के घटनास्थल से 18 शव बरामद हुए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के एक अधिकारी ने बताया कि एक बस सहित कुछ वाहन इस दुर्घटना में दब गए हैं। कम से कम तीन लोगों को सुरक्षित बचाया गया। अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुल निर्माण निगम इस 2261 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण 129 करोड़ की लागत से कर रहा था। फ्लाईओवर का जो हिस्सा गिरा है, उसे तीन महीने पहले ही बनाया गया था।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने जताया शोक

उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने ट्वीट कर हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री एवं स्थानीय सांसद नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करके स्थिति का जायजा लिया और हादसे में मारे गये लोगों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही प्रभावित लोगों की हर सम्भव मदद सुनिश्चित करने को कहा।

48 घंटे में जांच के निर्देश

लखनऊ में एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मौके पर भेजा है। उनके निर्देश पर मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिये कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो 48 घंटे के अंदर मामले की तकनीकी जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव के साथ अपनी रिपोर्ट उपलब्ध करायेगी।

मुआवजे का ऐलान

योगी ने राज्य सरकार की तरफ से मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को दो-दो लाख रुपये की सहायता का एलान भी किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा राहत बल, पुलिस और अन्य संगठनों को राहत कार्य के लिये वाराणसी रवाना कर दिया गया है।

‘ये दुर्घटना है या भ्रष्टाचार का परिणाम?’

इस बीच, सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि ये है देश की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले संसदीय क्षेत्र में विकास की सच्चाई। ये हाल तब है जबकि प्रदेशीय मंत्री यहां लगातार तथाकथित निरीक्षण करने आते रहे हैं। ये हादसा एक ऐक्सिडेंट है या भ्रष्टाचार का परिणाम, आज प्रदेश की सरकार को ये जवाब वाराणसी की जनता को देना ही होगा।

अखिलेश ने हादसे में लोगों को बचाने के लिये अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से बचाव दल के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से भागने के बजाय पूरी ईमानदारी से जांच करवायेगी।

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