Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages

बाबरी मस्जिद ढहाने वाले दोषियों को कब मिलेगी सज़ा: दिग्विजय सिंह

70 साल की लंबी कानूनी लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुना दिया। अदालत ने विवादित जमीन को मंदिर पक्ष में दे दी है। वहीं मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया है। अदालत ने मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को एक ट्रस्ट का गठन करने के लिए कहा है। यह फैसला टाइटल सूट यानी जमीन के मालिकाना हक को लेकर था।

इस फैसले के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट के जरिए कहा, ‘माननीय उच्चतम न्यायालय ने राम जन्म भूमि फैसले में बाबरी मस्जिद को तोड़ने के कृत्य को गैर कानूनी अपराध माना है। क्या दोषियों को सजा मिल पाएगी? देखते हैं। 27 साल हो गए हैं।’

मालूम हो कि अदालत के इस फैसले का विवादित ढांचे को गिराए जाने वाले मामले से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार ने शनिवार को कहा कि विवादित ढांचे को ढहाना गैरकानूनी है।

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।