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केंद्र की बात सुने बिना कानून पर रोक नहीं लगाएंगे: सुप्रीम कोर्ट

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। इसके बाद यानी पांचवें हफ्ते में मामले की सुनवाई होगी। इस दौरान तय किया जाएगा कि मामला संविधान पीठ के पास भेजा जाए या नहीं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित करते हुए कहा कि सीएए से जुड़े मामले में अब किसी भी हाई कोर्ट में सुनवाई नहीं होगी। इसकी मांग अटार्नी जनरल तुषार मेहता ने की थी।

सुनवाई के दौरान, अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने केंद्र की तरफ से बहस करते हुए कहा कि सरकार को 143 दलीलों में से केवल 60 की प्रतियां दी गई थीं और इसलिए जवाब देने के लिए अधिक समय की आवश्यकता थी। सीजेआई बोबडे ने कहा कि अदालत इस मामले को संविधान पीठ को सौंप सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी, कपिल सिब्बल ने अदालत से सीएए के पर रोक लगाने और एनपीआर की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने का अनुरोध किया।

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