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हमने हमारे पिता के हत्यारों को माफ कर दिया, मुझे किसी भी प्रकार की हिंसा पसंद नहीं : राहुल

आईआईएम के पूर्व छात्रों के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि राजनीति में हम ऐसी ताकत का सामना करते हैं जो दिखाई नहीं देती है, मगर आपको नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि हमने हमारे पिता के हत्यारों को माफ कर दिया है। कारण चाहे जो भी हो, मुझे किसी भी प्रकार कीहिंसा पसंद नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा, मैं 14 साल का था जब दादी की हत्या हुई थी। मेरे पिता की भी हत्या हो गई। जिससे मैं सुबह, शाम और रात को 15 लोगों से घिरे रहते हुए एक खास वातावरण में रहता हूं। मुझे नहीं लगता कि यह एक विशेषाधिकार है।

उन्होंने कहा कि भविष्य की रणनीति के लिए वर्तमान के प्रश्नों पर ध्यान देना जरूरी है। कांग्रेस इन प्रश्नों का समाधान जनता के बीच जाकर चर्चा के जरिये निकालेगी।

भाजपा पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस सब को साथ ले कर आगे बढ़ना चाहती है, जबकि भाजपा देश के लिए महत्वपूर्ण फैसलों में भी सब को साथ रखने में विश्वास नहीं रखती। जब हम महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा से संपर्क करते हैं, जैसे कि भूमि अधिग्रहण, जीएसटी, वे हमारी बात नहीं सुनना चाहते थे।

यहां तक कि भाजपा के नेताओं को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यही दिक्कत है। मेरे अनुभव के अनुसार, अगर आप लोगों को एक साथ नहीं लेते हैं, तो आप काम पूरा करने में सक्षम नहीं होंगे। आपको आम सहमति बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत है, संस्थानो को ज्यादा स्वायत्तता और फंड उपलब्ध कराने की भी जरूरत है।

राहुल ने कहा कि अपर्याप्त नौकरियों के कारण देश में आक्रोश पनप रहा है। लघु और माध्यम उद्योगों को सशक्त और खेती को उन्नत बनाकर नौकरियों के ज्यादा अवसर पैदा किये जा सकते हैं। लेकिन, वर्तमान में आर्थिक सहायता का अधिकांश हिस्सा 10-15 कंपनियों को जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसान जितना पैसा खेती में लगा रहा है, उतना उसको मिल नहीं रहा, क्योंकि, सरकार से उसे सहयोग नहीं मिलरहा। तकनीक और आधुनिकीकरण से किसान को सशक्त बनाकर विनिर्माण के अवसर देने होंगे।

खेती अब मुनाफे का धंधा नहीं रहा तथा मेक इंन इंडिया की बात नाकाम साबित हुई है। यह भारत के कौशल से मेल नहीं खाती।ने कहा कि भारत का प्रत्येक क्षेत्र चाहे वो मिर्जापुर, मुरादाबाद, शिवकाशी हो या सूरत- रोजगार की एक परम्परागत क्षमता रखता है। इनको तकनीक, पैसा और बाजार उपलब्ध करवाकर भारत को सशक्त बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में डाइग्नोस्टिक, हेल्थ डेटा, और अस्पताल व्यवस्था को सुचारु और रण।नीतिक ढंग से जोड़कर काम किया जाए तो हम हेल्थ केयर के क्षेत्र में पूरे विश्व में प्रभुत्व कायम कर सकते हैं। महिला अधिकारों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि मेरी प्राथमिकता महिलाओं को राजनैतिक रूप से सशक्त करने की है| मैं और मेरी पार्टी के सदस्य इस दिशा में काम कर रहे हैं। मैने साफ तौर पर पार्टी में महिलाओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने की बात कही है।