Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

वक्फ का दावा, गुड़गांव की कई मस्जिदों पर अवैध कब्जा

एक तरफ गुरुग्राम में सरकारी खाली पड़े प्लॉटों पर नमाज पढ़ने का विरोध हो रहा है तो दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के अधीन आने वाली 9 मस्जिदों पर गांव वालों का कब्जा है. 10 और जगह ऐसी हैं जो मस्जिद के लिए चिन्हित हैं लेकिन उन पर लोग नमाज नहीं पढ़ने देते. खुले में नमाज पढ़ने को लेकर उपजे विवाद के बाद हरियाणा वक्फ बोर्ड ने गुरुग्राम के जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है. इस पत्र के जरिए मुस्लिम समाज ने गेंद सरकार के पाले में डाले दी है.

वक्फ बोर्ड के एस्टेट ऑफीसर जमाल ने बताया कि जिला उपायुक्त ने पटवारी को गांवों में मस्जिद की जमीन का सर्वे करने के आदेश दे दिए है. जिला प्रशासन अपने स्तर पर पता करेगा कि कहां-कहां पर कब्जा है. फिर कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू होगी. जमाल के मुताबिक कई गांवों में लोगों ने मस्जिद में भुस भर रखा है. लकड़ियां रखी हुई हैं. जब हम उसे खाली करवाने जाते हैं तो गांव वाले विरोध करते हैं. लोग खुले में नमाज तो इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि मस्जिदों और उसके लिए तय बोर्ड की जमीन पर कब्जा है.

बोर्ड ने कहा है कि ‘वह मुस्लिमों की धार्मिक जगहों का प्रबंधक है. लेकिन बोर्ड की खाली जगहों को हुडा (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) ने पहले ही अधिग्रहण किया हुआ है. जिसे लेकर बोर्ड मुसलमानों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराता रहा है. जिसमें से मुख्य रूप से गांव चोमा की 20 कनाल जमीन का मामला है. जिसे लेकर हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट ने भी हुडा को आदेश पारित किया हुआ है कि इस जमीन के बदले कोई और जगह बोर्ड को दी जाए.’ बोर्ड ने जिला प्रशासन को कुल 19 जगहों की सूची दी है जहां जमीन होते हुए भी वे नमाज नहीं अदा कर पा रहे हैं.

पिछले दो सप्ताह में वजीराबाद, अतुल कटारिया चौक, साइबर पार्क, बख्तावर चौक और साउथ सिटी इलाकों में नमाज को ‘बाधित’ किया गया. इसमें कथित रूप से विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू क्रांति दल, गौरक्षक दल और शिवसेना के सदस्य शामिल थे. अब इन संगठनों की एक संघर्ष समिति भी बन गई है. विरोध करने वाले 6 लड़कों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

फिर जहां खाली जमीन पर नमाज हो रही थी वहां ‘सरकारी जमीन’ का बोर्ड लगवा दिया गया. सीएम मनोहरलाल खट्टर ने कहा ‘मस्जिदों, ईदगाहों और निजी स्थानों पर ही नमाज अदा की जानी चाहिए.’  हरियाणा के पूर्व परिवहन मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आफताब अहमद ने सीएम के इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा “लगता है कि मनोहरलाल खट्टर ने अभी तक संघ प्रचारक का काम छोड़ा नहीं है. इसीलिए वे सीएम की कुर्सी पर होते हुए भी एक धर्म को खुश करने वाली बातें कर कर रहे हैं.”

सियासी जानकारों का कहना है कि वक्फ बोर्ड के कदम से हरियाणा सरकार बैकफुट पर आ गई है. उसे या तो मस्जिदों और उसके लिए चिन्हित स्थानों से कब्जा हटवाना पड़ेगा या फिर खुले में नमाज पढ़ने का विरोध बंद करवाना होगा. वरना ये मामला सुलझने की जगह उलझ जाएगा.

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।