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आरके नगर सीट पर दिनाकरण की जीत, बीजेपी को नोटा से भी कम वोट मिले

तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के सत्तारूढ़ धड़े को रविवार को झटका लगा जब दरकिनार किए गए नेता टीटीवी दिनाकरण ने प्रतिष्ठित आरके नगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में 40 हज़ार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की.

जेल में बंद वीके शशिकला के भतीजे दिनाकरण ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक के ई. मधुसूदनन को 40 हज़ार 707 मतों के अंतर से हराया. इस सीट पर 21 दिसंबर को मतदान हुआ था.

वहीं इस सीट पर भाजपा को नोटा से भी कम वोट मिले हैं. उपचुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे भाजपा उम्मीदवार कारू नटराजन से नोटा (नन आॅफ द अबव) को अधिक वोट मिला. नागराजन को महज़ 1,417 वोट मिले, जबकि करीब 2,373 मतदाताओं ने नोटा को प्राथमिकता दी.

इस सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत पिछले साल दिसंबर में जयललिता की मौत की वजह से हुई. तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता उत्तर चेन्नई में आरके नगर सीट से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुई थीं.

दिनाकरण की जीत का अंतर जयललिता से भी बेहतर रहा. जयललिता ने इस विधानसभा सीट पर 2016 में 39 हज़ार 545 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी.

दिनाकरण को 89 हज़ार 13 मत मिले जबकि मधुसूदनन को 48 हज़ार 306 वोट मिले. द्रमुक के एन. मरुथु गणेश 24 हज़ार 651 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे. उनकी ज़मानत ज़ब्त हो गई. उनके अतिरिक्त भाजपा प्रत्याशी समेत 57 अन्य की भी ज़मानत ज़ब्त हो गई.

दिनाकरण निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़े. उनका चुनाव चिह्न प्रेशर कुकर था क्योंकि चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम के नेतृत्व वाले धड़े को दो पत्तियां चुनाव चिह्न आवंटित की थी.

दिनाकरण और शशिकला को पद से हटाने के बाद इस साल अगस्त में पलानीस्वामी और पनीरसेल्वम के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के धड़ों का विलय हो गया था. शशिकला भ्रष्टाचार के एक मामले में बेंगलुरु की एक जेल में चार साल के कारावास की सज़ा काट रही हैं.

उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार से ज़्यादा वोट नोटा को मिला

विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार से ज़्यादा वोट नोटा को मिला है. मुख्य मुकाबला टीटीवी दिनाकरण और अन्नाद्रमुक के दिग्गज नेता ई. मधुसूदनन के बीच था.

नोटा को भाजपा उम्मीदवार कारू नागराजन से अधिक वोट मिला. नागराजन को महज 1,417 वोट मिले. करीब 2,373 मतदाताओं ने ईवीएम पर नोटा (इनमें से कोई नहीं) का बटन दबाया.

गौरतलब है कि नागरजन तमिल टीवी चैनलों पर नियमित रूप से नज़र आते हैं. वह विभिन्न मुद्दों पर भाजपा के विचार रखते हैं. इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में मयलापुर सीट पर भी उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था.

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