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UPSC Result: रिकॉर्ड 48 मुस्लिम स्टूडेंट्स हुए कामयाब, कश्मीर के बिलाल टॉप 10 में

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने सिविल सर्विसेज 2016 के एग्जाम का रिजल्ट बुधवार को घोषित कर दिया। एग्जाम में 1099 कैंडिडेट्स सफल हुए हैं। इस बार इन सफल कैंडिडेट्स की फेहरिस्त में 48 मुसलमानों का नाम भी शामिल है। यह तादाद पिछले कुछ सालों के मुकाबले काफी ज़्यादा है।

2016 में सफल मुस्लिम कैंडिडेट्स की तादाद महज़ 36 थी। जबकि 2015 में 38, 2014 में 34 और 2013 में सिर्फ 30 ही मुस्लिम कैंडिडेट्स ने एग्ज़ाम क्लियर किया था।

इस एग्ज़ाम में कश्मीर से बिलाल मोहि उद्दीन भट्ट ने दसवीं रैंक हैसिल की है। बिलाल के साथ, नौ मुस्लिमों का नाम टॉप 100 में शामिल है। मुज़म्मिल खान (22), शेख तनवीर आसिफ (25), हम्ना मारीयाम (28), जफर इकबाल (39) और रिजवानबाशा शेख (48) के नाम टॉप 50 में शामिल हैं। जबकि 17 मुसलमानों के नाम टॉप 500 में शामिल हैं।

यूपीएससी एग्ज़ाम में मुस्लिम कैंडिडेट्स की इस कामयाबी को अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब पूरे देश में फासीवादी ताकतें हावी हैं। अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हो रहा है। खाने, पहनने और मज़हब की आज़ादी पर पाबंदी लगाने की कोशिशें की जा रही हैं।

भारतीय सरकारी सेवा (आईएफएस), भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और कई अन्य संबद्ध सेवाओं सहित विभिन्न सरकारी पदों के लिए चुने गए यूपीएससी कैंडिडेट्स की सिफारिश की गई है।

हालांकि भारत में मुसलमानों की जनसंख्या तकरीबन 13.4 फीसद है। लेकिन टॉप सरकारी सेवाओं में शिक्षा की कमी और संसाधनों की कमी की वजह से बमुश्किल ही प्रतिनिधित्व करते हैं। सिविल सेवाओं में मुसलमानों का योगदान महज़ 2 फीसद है।

ग़ौरतलब है कि पिछले साल की तरह, इस साल भी एक महिला नंदानी केआर ने टॉप किया है। टॉप 5 में अनमोल शेर सिंह, गोपाल कृष्ण, सौम पांडे और अभिलाश मिश्रा शामिल हैं।

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