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BJP की आज़ादी आंदोलन में अपनी कोई भूमिका नहीं थी, इसलिए पटेल जैसे नेताओं को अपना रही

कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि भाजपा सरदार पटेल जैसे नेताओं को अपना रही है क्योंकि स्वाधीनता संग्राम में उसकी स्वयं की कोई भागीदारी नहीं थी. पार्टी ने भाजपा पर इतिहास पुनर्लेखन का आरोप भी लगाया. उधर कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय अखंडता के बेशकीमती विचार को अत्यंत आवश्यक करार देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी ने अपने जीवन एवं विचारों में जिन उदार भारतीय मूल्यों को महत्व दिया, उन्हें आज खुलेआम नकारा जा रहा है.

विपक्षी दल की यह आलोचना ऐसे समय में सामने आई है जब सरदार पटेल की जयंती को सरकार ने काफी जोरशोर से मनाया. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, विडंबना देखिए, जो विचारधारा सरदार पटेल को फांसी पर लटकाना चाहती थी, आज राजनीतिक रूप से उनका नाम जप रही है. विचार करिए मोदीजी.

आरएसएस पर बरसते हुए सुरजेवाला ने पटेल द्वारा 18 जुलाई 1948 में लिखे एक पत्र का उल्लेख किया और कहा, जो लोग बार बार सरदार पटेल की बात करते हैं वे सरदार के उस पत्र के बारे में नहीं बताते जिसमें उन्होंने लिखा था कि क्यों आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.

पटेल को गैर कांग्रेसी सरकार के आने तक भारत रत्न नहीं मिलने के भाजपा के आरोपों के बारे में पूछने पर कांग्रेस के प्रवक्ता टाम वडक्कन ने संवाददाताओं से कहा, कांग्रेस नेता को अपनाने का प्रयास भाजपा द्वारा इस बात का स्पष्ट संकेत एवं स्वीकारोक्ति है कि स्वाधीनता संग्राम में उनकी भागीदारी न केवल गायब थी बल्कि बिल्कुल संदर्भहीन थी.

उन्होंने कहा, वे अब कांग्रेस नेताओं को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं और इतिहास पुनर्लेखन की कोशिश कर रहे हैं. वडक्कन ने कहा कि पुरस्कार दिया या नहीं दिया गया, वह इतिहास है. हम जमीनी हकीकत देख रहे हैं.

उन्होंने कहा, सरदार पटेलजी ने क्या किया और उन्होंने किन पर प्रतिबंध लगाया, ये ऐसे मुद्दे हैं जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. सरदार पटेल जी एक कांग्रेसजन थे और वह लोगों के दिल में बसे रहेंगे. उनके लिए पुरस्कारों का कोई महत्व नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को अपने नेताओं का जश्न मनाने के लिए किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है. हमारे नेता हैं और वे कांग्रेस के नेता हैं. इस बारे में कुछ भी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए.

‘उदार भारतीय मूल्यों को खुलेआम नकारा जा रहा है’

राष्ट्रीय अखंडता के बेशकीमती विचार को अत्यंत आवश्यक करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी ने अपने जीवन एवं विचारों में जिन उदार भारतीय मूल्यों को महत्व दिया, उन्हें आज खुले आम त्यागा एवं नकारा जा रहा है.

सोनिया ने कहा, इंदिरा गांधी ने जिस भारत के विचार के लिए संघर्ष किया उन पर आज बढ़ती हुई असहिष्णुता ने बुनियादी तौर पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. एकपक्षीय, भेदभावकारी भारतीयता को हम पर थोपा जा रहा है. देश की विरासत अब उन लोगों के हाथ में है, जो इतिहास पुनर्लेखन, झूठ फैलाने, अवैज्ञानिक विचारों को हम लोगों पर थोपने पर उतारू हैं एवं स्वतंत्र ढंग से विचार करने वालों को चुप कराया जा रहा है.

सोनिया ने यह बात दिल्ली के जवाहर भवन में 30वें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार वितरण समारोह में कही. समारोह में सोनिया अस्वस्थता के कारण नहीं आ पाईं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उनका भाषण पढ़ा.

सोनिया के भाषण में कहा गया, इंदिरा गांधी जिन्होंने अपने जीवन एवं विचारों में जिन भारतीय मूल्यों को जिया उनको खुलेआम त्यागा एवं नकारा जा रहा है. राष्ट्रीय अखंडता का बेशकीमती विचार आज से पहले कभी इतना आवश्यक नहीं था.