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समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऑक्सीज़न मिलने जैसा हैः करण जौहर

मुद्दत से विवादित धारा 377 पर सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसा फैसला सुनाया है कि LGBT समुदाय की दिवाली हो गई। अदालत ने कहा कि दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अपराध नहीं हो सकते। धारा 377 को आपराधिक श्रेणी से बाहर रखते हुए व्यक्तिगत चुनाव को सम्मान देने की बात कही है। इस फैसले पर बॉलीवुड से भी रिएक्शन आया। करण जौहर ने धारा 377 पर कोर्ट के फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। इसे मानवता की बड़ी जीत बताया है।

करण जौहर ने अपने इंस्टा पर LGBT कम्यूनिटी के झंडे के साथ finally! संदेश लिखी हुई तस्वीर पोस्ट की है। कैप्शन में लिखा- ”ऐतिहासिक फैसला। आज मुझे गर्व महसूस हो रहा है। समलैंगिकता को अपराध मुक्त करना और धारा 377 को खत्म करना मानवता के लिए बड़ी जीत है। देश को उसकी ऑक्सीजन वापस मिली। ”

गौरतलब है कि करण जौहर के सेक्सुअल स्टेट्स पर हमेशा से विवाद और चर्चा रहती है। हालांकि करण ने कभी इस पर खुलकर बात नहीं की। लेकिन अपनी बायोग्राफी ‘एन अनसूटेबल ब्वॉय’ में करण ने बताया था कि वो होमोसेक्सुअल हैं या नहीं। किताब में करण ने लिखा है, ‘सब जानते हैं मेरी सेक्सुअलिटी क्या है। लेकिन अगर मुझे अपने मुंह से कहना पड़े तो मैं ऐसा नहीं कह सकता। क्योंकि मैं एक ऐसे देश में रहता हूं जहां मुझे ऐसा कहने के कारण शायद जेल भी हो सकती है।’

उन्होंने लिखा, ‘मैं कहना बस इसलिए नहीं चाहता क्योंकि मैं एफआईआर के चक्करों में नहीं पड़ना चाहता। मेरे पास जॉब है, मेरे कुछ कमिटमेंट है, मेरे कंपनी में बहुत लोग काम करते हैं। मैं बहुत लोगों के प्रति जवाबदेह हूं। मैं कोर्टरुम में नहीं बैठना चाहता।’

2016 में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी किताब पर एक बातचीत में करण जौहर ने कहा था, “मुझे पैन्सी (समलैंगिग पुरुष) शब्द से नफरत है। मैंने बचपन में इसे बहुत सुना है। मैं बचपन में थोड़ा फेमनिन था और इस वजह से मुझे स्कूल में इसे सुनना पड़ता था। इसी बोझ के साथ में घर लौटता था।” इस बातचीत में करण ने कहा था कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि 377 की वजह से लोगों को बार-बार प्रताड़ित नहीं होना पड़े। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी व्यवस्था न होने की वजह से लोग छिपकर ऐसे संबंध में रहते हैं।

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