Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

RSS के प्रशिक्षण समारोह में पहुंचे पूर्व प्रणब मुखर्जी, कई कांग्रेस नेताओं ने किया विरोध

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने संघ के मुख्‍यालय पहुंच गए हैं. नागपुर में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्‍थापक केबी हेडगेवार की जन्‍मस्‍थली पहुंचे प्रणब मुखर्जी का स्‍वागत संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया. यहां उन्होंने अतिथि पुस्तिका में लिखा हेडगेवार भारत माता के सपूत हैं.

संघ के कार्यक्रम में हिस्‍सा लेने पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी संघ मुख्‍यालय पहुंचे.

प्रणब मुखर्जी द्वारा केबी हेडगेवार को ‘भारत माता का सपूत’ बताए जाने पर बोले कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने कहा, ‘उनके प्रति बड़ा आदर था, शायद उर्म की वजह से जाते-जाते कुछ गलत बात कर दूं ऐसा लगा होगा उनको

कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने ट्वीट किया कि आरएसएस मुख्यालय में अनुभवी नेता और विचारक प्रणब दा की फोटो देखकर लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बहुलवाद, विविधता और भारतीय गणराज्य के आधारभूत मूल्यों में विश्वास रखने वालों को पीड़ा दी है.

एक अन्य ट्वीट में शर्मा ने कहा, संवाद केवल उन लोगों के साथ हो सकता है जो सुनने, ग्रहण करने और बदलने के इच्छुक हैं. यहां सुझाव देने के लिए कुछ भी नहीं है कि आरएसएस अपने मूल एजेंडे से दूर चला गया है क्योंकि यह वैधता की तलाश में है.

प्रणब मुखर्जी के इस कदम पर सियासी हलचल तेज है. कांग्रेस के तमाम नेता इस दौरे के विरोध में बोल रहे हैं. यहां तक कि प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी अपने पिता को सख्त नसीहत दे डाली है. गुरुवार शाम प्रणब मुखर्जी संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष के दीक्षांत समारोह में अपना भाषण देंगे. शाम साढ़े छह उनका भाषण होगा जो करीब 20 मिनट तक चलेगा. इससे पहले मोहन भागवत और भैयाजी जोशी के साथ 15 मिनट तक चाय पर चर्चा होगी.

प्रणब मुखर्जी के भाषण को लेकर उत्सुकता है क्योंकि वो कांग्रेस के नेता रहते कई बार आरएसएस की आलोचना कर चुके हैं. हालांकि संघ में पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है. संघ ने ऐसे तमाम लोगों को पहले भी अपने कार्यक्रमों में बुलाया है जिनमें दलित चिंतक दादासाहेब रामकृष्ण और वामपंथी विचारों वाले कृष्णा अय्यर जैसे लोग शामिल हैं.

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।