Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

राष्ट्रीय महिला आयोग दिखा रहा सूचना के अधिकार कानून को ठेंगा

सलीम बेग

राष्ट्रीय महिला आयोग ने बीते तीन वर्षों में देश भर से प्राप्त होने वाले तलाक़ और बलात्कार से संबंधित शिकायती पत्रों की संख्या की जानकारी देन से इनकार कर दिया है। आयोग से सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त तलाक़ और बलात्कार से जुड़ीं शिकायती पत्रों की कुल संख्या,  नाम पतों की सूची वर्ष 2014-15, 2015-16 व् 2016-17 तक की समय अवधि की सूचनाएं राज्यवार, वर्षवार मांगी गई थीं।

आयोग ने उक्त समय अवधि में यह जानकारी उपलब्ध नही कराई। अधिनियम में सूचना देने की निर्धारित समय सीमा गुज़र जाने के बाद वादी ने 23 जून 2017 को आयोग में प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष नियमानुसार प्रथम अपील दायर की थी। दरअसल यह आवेदन, मुरादाबाद स्थित आरटीआई, कार्यकर्ता सलीम बेग ने 8 मई 2017 को केंद्रीय जन सूचना अधिकारी, राष्ट्रीय महिला आयोग- नई दिल्ली के से मांगी थी।

इसका संज्ञान लेते हुआ दिनांक: 3 जुलाई 2017 को श्री आर,सी, आहूजा उच्च सचिव एवं लोक सूचना अधिकारी राष्ट्रीय महिला आयोग ने वादी सलीम बेग को पत्र भेजा और दो बिंदुओं में कहा है कि आपके द्वारा चाही गई जानकारी राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आगे उन्होंने कहा कि अधिनियम धारा 8(ज) के तहत व्यक्तिगत जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं हैं। सलीम बेग का कहना है कि नियमानुसार यह जानकारियां उपलब्ध करवाई जानी चाहिए थी और यह आरटीआई  क़ानून का खुला उल्लंघन है।

(लेखक आरटीआई एक्टिविस्ट हैं)

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।