Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

भारत पाक के बीच रिश्ते सुधारने के लिए सिर्फ बातचीत ही रास्ता है: पाक विदेश मंत्री

न्यूयॉर्क. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि भारत के साथ संबंधों को सुधारने के लिए बातचीत ही सही रास्ता है, समस्या के समाधान के लिए जंग कोई विकल्प नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में पहुंचे कुरैशी ने अलजजीरा न्यूज के साथ चर्चा में यह बयान दिया।

कुरैशी ने भारत-पाकिस्तान के संबंधों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान के 26 जुलाई को दिए पहले भाषण का जिक्र किया। इसमें इमरान ने कहा था, “आप (भारत) अगर एक कदम आगे बढ़ाते हैं तो हम दो कदम चलेंगे।” कुरैशी ने नई सरकार की भारत के साथ सार्थक और शांतिपूर्ण बातचीत के लिए आग्रह का भी जिक्र किया।

सैन्य कार्रवाई समस्या का समाधान नहीं
कुरैशी के हवाले से अलजजीरा ने कहा, “हमें लगता है कि हमने ने जो कदम उठाया, वह विवेकपूर्ण था। दो परमाणु देशों के साथ संबंध कैसे ठीक किए जाएं। युद्ध कोई विकल्प नहीं है। सैन्य कार्रवाई भी समस्या का समाधान नहीं है। बातचीत की एकमात्र रास्ता है।” कुरैशी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान से भ्रष्टाचार और विदेशी कर्ज को खत्म करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही हम विकास के लिए देश के ज्यादा से ज्यादा स्रोतों का इस्तेमाल कर सकें, यह सुनिश्चित करना है। पाक में कभी भी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त निवेश नहीं किया गया।

हमारी कुछ चुनौतियां भी हैं
कुरैशी ने कहा कि तहरीक-ए-इंसाफ सरकार की कुछ चुनौतियां भी हैं। हमारी पार्टी कभी सत्ता में नहीं रही। हमारे प्रधानमंत्री कभी भी किसी राजनीतिक पद पर नहीं रहे। तालिबान को मदद के सवाल पर कुरैशी बोले कि पहले की सरकारें ऐसा कर रही थीं। सरकारें उन लोगों की मदद कर रही थीं जिन्हें उन्होंने नहीं बनाया? आखिर वो लोग कौन थे? उन्हें किन लोगों का समर्थन था? उन्हें कौन ट्रेनिंग देता था?

दोस्त बदल गए हैं
कुरैशी के मुताबिक, “हम इतिहास भुला चुके हैं। आज हमारे दोस्त भी बदल चुके हैं। वो लोग जिन्हें आप सपोर्ट करते थे, वे हमें आतंकी कह रहे हैं। आखिर हमें अमेरिका क्यों नहीं बुलाया जा रहा? क्यों व्हाइट हाउस में हमारी कद्र नही? आज हम बस खुद को ही बचाने में लगे हुए हैं।”

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।