Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages

एक थी रजनीगंधा

ध्रुव गुप्त

1974 में छोटे बजट की एक फिल्म आई थी – ‘रजनीगंधा। बेमन से ही देखी मन्नू भंडारी की कहानी ‘यही सच है’ पर आधारित बासु चटर्जी की इस फिल्म की नायिका नई-नई अभिनेत्री विद्या सिन्हा ने जादू कर दिया था। नायक अमोल पालेकर तो खूब थे ही, अपने पूर्व और वर्तमान प्रेमियों में से किसी एक को चुनने के द्वंद में फंसी एक शिक्षित और शालीन लड़की की मनःस्थिति को जिस सहजता से विद्या सिन्हा ने निभाया था, उसे देखना एक अद्भुत अनुभव था।

इस फिल्म का एक गीत ‘रजनीगंधा फूल तुम्हारा महके जैसे आंगन में’ तब बेहद लोकप्रिय हुआ था।वह फिल्म मैंने सात आठ बार देखी थी।उसके बाद विद्या की फिल्मों का मुझे इंतज़ार रहने लगा। संयोग से अगले ही साल बासु चटर्जी के ही निर्देशन में अमोल के ही साथ उनकी एक और फिल्म ‘छोटी सी बात’ आ गई।

शर्मीले अमोल को खामोशी से प्यार करने वाली एक मध्यवर्गीय लड़की की वह भूमिका शायद उन्हीं के लिए लिखी गई थी। उसके बाद ‘पति पत्नी और वो’, ‘तुम्हारे लिए’, ‘स्वयंवर’, ‘किताब’, ‘मुक्ति’ सहित उनकी तमाम फ़िल्में मैंने देखीं। अभिनेत्रियों में मधुबाला के बाद वह मेरी दूसरी क्रश थी। बाद में यह जानकार मेरा दिल भी टूटा था कि वे फिल्मों में आने के पहले से ही शादीशुदा थीं।

विद्या का व्यक्तिगत जीवन बेहद उदास और खंडित रहा था। अपने पहले पति वेंकटेश्वरन अय्यर के असामयिक निधन के बाद उन्होंने डॉ भीमराव सालुंके से दूसरी शादी की थी, लेकिन पति की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना ने उन्हें इस क़दर तोड़ा कि उन्हें फिल्मों की दुनिया को ही अलविदा कहना पड़ा। 2009 में पति से तलाक के बाद वह सलमान खान की फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ में चरित्र भूमिका में तथा ‘कुल्फी कुमार बाजेवाला’, ‘चंद्र नंदिनी’, ज़िन्दगी विंस’, क़बूल है’ जैसे कुछ टीवी सेरिअल्स में छोटी भूमिकाओं में नज़र आई थी।

आज गंभीर बीमारी के कारण कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मुंबई के एक अस्पताल में 71 साल की उम्र में उनके निधन की खबर उदास कर गई। उनका जाना फिल्मों के लिए तो नहीं, उनके प्रशंसकों और चाहने वालों के लिए एक अपूरणीय क्षति तो है ही। अलविदा विद्या

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।