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राफेल मामले में PM मोदी को कोई नहीं बचा सकता: राहुल गांधी

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर हमला बोला। राहुल ने ये हमला पीएम मोदी के उस बयान के जवाब में किया जिसमें उन्होंने कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में राफेल मुद्दे पर चर्चा के दौरान एनडीए के खिलाफ चलाए रहे अभियान को नष्ट कर दिया है।

राहुल गांधी ने मंगलवार को संवाददाताओं को संसद के बाहर संबोधित करते हुए कहा कि राफेल मामले में पीएम मोदी को कोई नहीं बचा सकता। राफेल मामले में सारे सबूत स्पष्ट हैं। ये साफ है कि उन्होंने अनिल अंबानी को 30,000 हजार करोड़ रुपये दिलाने में व्यक्तिगत तौर पर मदद की। मेरा सरल सा सवाल है. वो देश को बताएं कि उन्होंने पुरानी राफेल डील को क्यों छोड़ा. क्या एयरफोर्स, रक्षा मंत्रालय ने कोई आवाज उठाई या विरोध किया। मुझे ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब चाहिए. रक्षा मंत्री ने इसका जवाब नहीं दे पाई और ना ही पीएम मोदी दे रहे हैं.

कांग्रेस का आरोप है कि एनडीए ने साल 2014 में सत्ता में लौटने के बाद जिन 36 राफेल विमान का सौदा किया वो उनके कार्यकाल में की गई डील से महंगे थे. उन्होंने 128 विमानों का सौदा किया था. जिनमें से 18 को छोड़कर सब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड(एचएएल) ने बनाने थे. एनडीए की डील में दसोल्ट एविएशन ने अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस को अपना पार्टनर चुना है. कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दवाब में डील बदली गई.

इसी हफ्ते राहुल गांधी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच ट्रविटर पर तीखी बहस हुई थी। राहुल गांधी ने ट्वीट कर दावा किया था कि रक्षा मंत्री झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा था कि वो सबूत दें कि सरकार ने एचएएल को 1 लाख करोड़ के ऑर्डर दिए हैं। नहीं तो अपने पद से इस्तीफा दें।

इसके जवाब में निर्मला सीतारमण ने डॉक्यूमेंट्स की तस्वीरें ट्वीट करते हुए लिखा कि राहुल गांधी को शर्म आनी चाहिए वो देश को गुमराह कर रहे हैं। सीतारमण ने कहा कि एचएएल ने के साथ सरकार ने 2014 से 2018 के दौरान 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं और 73 हजार करोड़ रुपये रुपये के अनुबंध पाइपलाइन में हैं. सोमवार को उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण भी दिया।

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