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पैराडाइज पेपर्स में जयंत सिन्हा का नाम- चुनाव आयोग, लोकसभा सचिवालय और पीएमओ को नहीं बताई एक कंपनी में डायरेक्टर होने की बात

 

साल 2014 में झारखण्ड के हजारीबाग से लोक सभा सांसद बनने और नरेंद्र मोदी कैबिनेट में केद्रीय राज्य मंत्री बनने से पहले जयंत सिन्हा ओमिडयार नेटवर्क में मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर काम करते थे। ओमिडयार नेटवर्क ने अमेरिकी कंपनी D.Light (डी डॉट लाइट) डिजाइन में निवेश कर रखा था।

D.Light डिजाइन की एक शाखा केमैन आइलैंड में भी स्थित थी। विदेशी कानूनी सलाह देने वाली कंपनी एप्पलबी के दस्तावेज के अनुसार जयंत सिन्हा ने D.Light डिजाइन के डायरेक्टर के तौर पर भी सेवाएं दी थीं लेकिन अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने इसकी कोई जानकारी नहीं दी थी। जयंत सिन्हा ने न तो चुनाव आयोग को और न ही लोक सभा सचिवालय और न तो प्रधानमंत्री कार्यालय को इसकी जानकारी दी थी।

D.Light डिजाइन इंक की स्थापना साल 2006 मे अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में हुई थी और इसकी इसी नाम से एक शाखा केमैन आइलैंड में खुली थी। सिन्हा ओमिडयार नेटवर्क में सितंबर 2009 में जुड़े थे और दिसंबर 2013 में इस्तीफा दे दिया था। ओमिडयार नेटवर्क ने D.Light डिजाइन में निवेश किया था। D.Light ने अपनी केमैन आईलैंड स्थिति शाखा के माध्यम से नीदरलैंड के एक निवेशक से 30 लाख डॉलर (आज की दर से करीब 19 करोड़ रुपये) कर्ज हासिल किया था।

ऐपलबी के दस्तावेज के अनुसार इस कर्ज  के लिए 31 दिसंबर 2012 को समझौता हुआ था। जब ये फैसले लिए गये तो जयंत सिन्हा D.Light डिजाइन के डायरेक्टर थे।

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