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नाराज़ मुस्लिम समाज को मनाने की मोदी सरकार की कोशिश, लड़कियों के लिए किया वाज़ीफे और शगुन का ऐलान

मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलओं को रक्षाबंधन में तोहफा देते हुए ऐलान किया है, कि जो मुस्लिम युवतियां स्नातक तक की पढ़ाई करेंगी, केंद्र सरकार उन्हें शादी के समय 51000 रूपये शगुन के तौर पर देगी. ज्ञात हो कि मोदी सरकार मुस्लिम वोटर्स को अपने पाले में लाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है. पर गौमांस और गौरक्षा के मुद्दे पर होने वाली लिंचिंग की घटनाओं से इन कोशिशों को भारी झटका लगा है. जिसके बाद प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने गौरक्षकों को चेताया था, कि गुंडागर्दी बंद करें.

केंद्र में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस योजना की घोषणा की है, जिससे मुस्लिम लड़कियों की तालीम को बेहतर बनाए जा सके. वहीं एक फैसला ये भी लिया गया है कि 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राओं को 10 हजार रुपए का वजीफा दिया जाएगा.

मौलाना आज़ाद फाऊँडेशन के कोषाध्यक्ष शाकिर हुसैन अंसारी ने कहा- ”मुस्लिम समाज के एक बड़े हिस्से में आज भी मुस्लिम बच्चियों को उच्च शिक्षा नहीं मिल पाती है. इसकी एक बड़ी वजह आर्थिक तंगी है. हमारा मकसद बच्चियों और खासकर अभिभावकों को प्रोत्साहित करना है कि लड़कियां कम से कम स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करें. ऐसे में ‘शादी शगुन’ के तौर पर 51,000 रुपये की राशि का फैसला किया गया है.” उन्होंने कहा, ”यह राशि बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन हमें उम्मीद है कि इससे मुस्लिम लड़कियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए लोगों का हौसला बढ़ेगा.” कोषाध्यक्ष ने कहा कि इस संदर्भ में वेबसाइट तैयार की जा रही है और इस पूरा ब्यौरा दिया जाएगा.

मुस्लिम समाज को ध्यान में रखकर संभवतः ये पहली योजना मोदी सरकार के द्वारा लाई गई है, इस योजना को लाने के बाद ये कयास लगाए का रहे हैं, कि भारतीय जनता पार्टी अब मुस्लिम वोटर्स को रिझाने के हर संभव प्रयास करेगी. किसी समय ऐसी ही अल्पसंख्यक उत्थान की योजनाओं को लाने पर भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस का विरोध करते हुए इसे “अल्पसंख्यक तुस्टीकरण” करार देते थे. अब देखन ये है, कि कट्टर हिंदूवादी संगठनों की क्या प्रतिक्रिया रहती है.

योजना के आने के बाद भी मुस्लिम समाज की तरफ से जो प्रतिक्रियाएं आ रही है, उसमे मुस्लिम युवा व अन्य लोग इस योजना का तो स्वागत कर रहे हैं. पर साथ ही मोदी सरकार से एक सवाल और कर रहे हैं, कि क्या मोदी सरकार गौरक्षा के नाम पर आतंक फैलाने वाले गुंडों पर रोक लगाएगी ?