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कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में विधायक मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने किया बरी

नई दिल्ली: स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में विधायक मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की 2005 में हत्या कर दी गई थी। राय गाजीपुर जिले की मोहम्दाबाद विधानसभा से विधायक थे। बता दें कि मुख्तार अंसारी का पूर्वांचल में एक अलग रुतबा हुआ करता है। यही वजह है कि बसपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था, मगर उनके कद को देखते हुए दोबारा पार्टी के टिकट से चुनाव लड़वाया।

हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी पर लगा था। मुन्ना बजरंगी की कुछ साल पहले जेल में हत्या हो गई थी। कोर्ट ने अंसारी और मुन्ना बजरंगी समेत 5 आरोपियों को बरी कर दिया। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था।

कृष्णानंद राय के भाई रामनारायण राय ने कोर्ट में बयान दिया था कि 29 नवंबर 2005 को गाजीपुर के सियारी गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्‌घाटन करने के बाद राय अपने गनर निर्भय उपाध्याय, ड्राइवर मुन्ना यादव, रमेश राय, श्याम शंकर राय, अखिलेश राय और शेषनाथ सिंह के साथ कनुवान गांव की ओर जा रहे थे। राम नारायण राय के मुताबिक वह खुद दूसरे लोगों के साथ एमएलए की गाड़ी से पीछे चल रही गाड़ी में सवार थे। बासनिया छत्ती गांव से डेढ़ किलोमीटर आगे जाने पर सिल्वर ग्रे कलर कर टाटा सूमो सामने से आती हुई नजर आई। सूमो से निकले सात-आठ लोगों ने एमएलए की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। उस गाड़ी में सवार सातों लोग मारे गए।

राम नारायण राय ने कोर्ट में बताया था कि फायरिंग के दौरान हमलावर बोल रहे थे कि ‘मारो इसे, अफजाल भाई और मुख्तार भाई को बहुत तंग कर रखा है’। राय के मुताबिक हत्याकांड के बाद हमलावरों ने एमएलए की चोटी भी काटी थी। राय ने यह भी बयान दिया कि फायरिंग मुन्ना बजरंगी उर्फ प्रेम प्रकाश सिंह, अता उर रहमान उर्फ बाबू, एजाज उल हक, फिरदौस और संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा ने की थी।

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