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बच्चों के लिए कब्रगाह बने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में फिर 61 बच्चों की मौत

बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. मेडिकल कॉलेज के नेहरु चिकित्सालय में 24 घंटों में 19 और बच्चों की मौत हो गई जबकि पिछले 72 घंटों में यहां भर्ती बच्चों में से 61 मर चुके हैं. हालांकि सभी मौतें इंसेफेलाइटिस से नहीं हुई हैं. अन्य रोगों के अलावा और नियोनेटल वार्ड में भी बच्चों की मौतें हुई हैं.

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज इसी महीने उस वक़्त सुर्खियों में आया था जब ऑक्सीजन की सप्लाई काट दिए जाने के 20 बच्चों की मौत हो गई थी. इसके बाद से मौतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. अब 27 अगस्त को 17 और 28 अगस्त की शाम तक 19 बच्चों की मौत हुई है. गोरखपुर के वरिष्ठ पत्रकार मनोज सिंह के मूताबिक देर रात 6 और बच्चों की मौत हो गई. इस तरह से 28 अगस्त में कुल 25 बच्चों की मौत हुई जिसमें इंसेफेलाइटिस से 7, एनआईसीयू में 10 व अन्य बीमारियों से ग्रस्त 8 बच्चे थे.

गोरखपुर मेडिकल कालेज पूर्वांचल का एकमात्र बड़ा मेडिकल कॉलेज है. यहां गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती सहित एक दर्जन जिलों के अलावा बिहार के मरीज इलाज के लिए आते हैं. सालों से यह इलाक़ा उपेक्षित है और बच्चों की हज़ारों मौतों के बावजूद सरकारें इसका कोई पुख़्ता बंदोबस्त नहीं कर रही हैं.

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