Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

एससी/एसटी एक्ट की रक्षा के लिए मोदी सरकार अध्यादेश लाए: पासवान

मोदी सरकार एससी/एसटी एक्ट के प्रावधानों को बदलने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मानसून सत्र में अध्यादेश ला सकती है। रविवार को केंद्रीय मंत्रीरामविलास पासवान दलित और आरक्षण के मुद्दों पर चर्चा के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिले।

उन्होंने बताया कि लोकजन शक्ति पार्टी ने प्रमोशन में आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट के मुद्दे पर संसद में अध्यादेश की मांग की है। हालांकि, सरकार एससी/एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर चुकी है। बता दें कि एससी/एसटी एक्ट में गिरफ्तारी समेत कुछ प्रावधानों में बदलाव के विरोध में 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया गया। प्रदर्शन के दौरान 10 से ज्यादा राज्यों में हिंसा हुई थी।

 प्रमोशन में आरक्षण की भी मांग

एनडीए के सहयोगी दल लोजपा के प्रमुख पासवान ने कहा, ”अमित शाह के साथ मीटिंग में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें एसी/एसटी एक्ट भी शामिल है। सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर की है, लेकिन फिलहाल कोर्ट में छुट्टियां है, इसलिए हमने अध्यादेश लाने की मांग की है। प्रमोशन में आरक्षण के लिए भी अध्यादेश की मांग करते हैं। भाजपा अध्यक्ष हमारी मांगों से सहमत हैं और इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।”

 बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले

राम विलास पासवान ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का समर्थन किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुछ दिन पहले केंद्र सरकार से इसकी मांग की थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”जहां तक बिहार का सवाल है, हम भी इसके लिए सरकार से मांग कर चुके हैं। बिहार एक पिछड़ा राज्य है और विशेष दर्जा मिलना चाहिए। सरकार को हमारी मांगों पर ध्यान देना चाहिए।”

 फैसले के विरोध में हुई थी हिंसा

बता दें कि 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट में गिरफ्तारी समेत कुछ प्रावधानों में बदलाव किया था। इस फैसले से देश के दलित संगठनों में नाराजगी पैदा हो गई। दो अप्रैल को भारत बंद बुलाया गया। प्रदर्शन के दौरान 10 से ज्यादा राज्यों में हिंसा हुई और 15 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार ने कहा था कि हम अध्यादेश या विधेयक के जरिए पुराने प्रावधानों को बरकरार रखने के विकल्प पर विचार करेंगे।

 

 

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।