Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

मैली रही गंगा लेकिन विज्ञापनों पर मोदी सरकार ने किया करोड़ों खर्च

नई दिल्ली: अब गंगा कितनी साफ हुई, कितना मैली, इसका लेखा जोखा तो एनजीटी से ले कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक लगाते ही रहते है. लेकिन एक चीज बिना शक लगातार चमकदार होती चली गई. वो है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा.

मतलब, एक बार फिर मां गंगा अपने बेटे के प्रचार-प्रसार का जरिया बन कर मातृ धर्म निभाती चली गईं. इसका प्रमाण मिलता है, छह दिसंबर 2018 को जल संसाधन मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की तरफ से उपलब्ध कराए गए आरटीआई दस्तावेजों में.

इस आरटीआई में वित्त वर्ष 2014-15 से ले कर 2018-19 के बीच प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की तरफ से जारी विज्ञापनों पर हुए खर्च के बारे में पूछा गया था. जवाब में बताया गया है कि 2014-15 से ले कर 2018-19 (30 नवंबर 2018) के बीच ऐसे विज्ञापनों पर कुल 36.47 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

साल 2014-15 में जहां ये राशि सिर्फ 2.04 करोड़ रुपये थी, वहीं आगे के वर्षों में ये धीरे-धीरे बढ़ती गई और चुनावी साल के आते ही ये रकम 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार कर गई.

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।