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कश्मीर पर बोलीं मलाला, कश्मीरी बच्चों और महिलाओं के लिए चिंतित हूं

पाकिस्तानी मूल की मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई ने भी कश्मीर मुद्दे पर बयान जारी किया है. ट्विटर पर भारत और पाकिस्तान का नाम लिखे बिना कहा कि 7 दशक से चली आ रही. कश्मीर समस्या का समाधान संबंधित पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से ढूंढ़ना चाहिए। मलाला ने कहा कि वह कश्मीरी बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं.

मलाला ने ट्वीट किया, ‘जब मैं बच्ची थी, जब मेरी मां और मेरे पिता बच्चे थे, जब मेरे दादा-दादी, नाना-नानी युवा थे, कश्मीर के लोग तभी से संघर्ष की स्थिति में जी रहे हैं.’

सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली मलाला (22) ने कहा कि वह कश्मीर की फिक्र करती हैं क्योंकि दक्षिण एशिया उनका घर है, एक ऐसा घर जिसे वे कश्मीरियों समेत 1.8 अरब लोगों के साथ साझा करती हैं.

मलाला ने कहा कि यह क्षेत्र विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों, भाषाओं, व्यंजनों और परम्पराओं का प्रतिनिधित्व करता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि हम सभी शांति के साथ रह सकते हैं.

मलाला ने कहा, ‘हमारे बीच कोई भी मतभेद क्यों न हो. हमें कश्मीर में सात दशक पुराने संघर्ष को शांतिपूर्वक सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.’

गौरतलब है कि संसद ने बीते मंगलवार को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव वाले संकल्प और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी.

उधर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने वाले प्रस्ताव को बुधवार को स्वीकृति प्रदान की.

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