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“JNU लाल है” छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट फ्रंट का फिर लहराया परचम

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ (जेएनयूएसयू) चुनाव में वोटों की गिनती से साफ़ है कि एक बार फिर से कैंपस में लेफ्ट की जीत हुई है. गिनती के ट्रेंड के मुताबिक सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर लेफ्ट की जीत तय है. हालांकि, अभी नतीजों की औपचारिक घोषणा होना बाकी है. वहीं, पहले ‘हिंदू लीडर’ की मांग को भी जेएनयू कैंपस ने सिरे से ख़ारिज कर दिया है.

दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने लिंगदोह कमिटी की सिफारिशों के उल्लंघन के मामले में नतीजों की अंतिम घोषणा पर रोक लगा दी है. ये रोक 17 सिंतबर को होने वाली अगली सुनवाई तक है. गिनती के बाद जो नतीजे आएंगे उस पर सभी उम्मीदवार दस्तखत करेंगे और इसे हाई कोर्ट के पास भेज दिया जाएगा.

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष के लिए छह, उपाध्यक्ष के लिए तीन, महासचिव के लिए तीन और संयुक्त सचिव पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में थे. इससे पहले ”दि क्विंट” की खबर के मुताबिक शाम चार बजे के करीब 5762 वोटों में से 5050 वोट गिने जा चुके थे. जिसमें लेफ्ट गठबंधन ने सभी पदों पर बढ़त बना रखी थी. अध्यक्ष पद के लिए लेफ्ट आईषी घोष 2069 वोटों के साथ आगे थी. वहीं BAPSA के जितेंद्र सूना 985 वोट और ABVP के मनीष जांगिड 981 वोट के बीच कांटे की टक्कर है.

वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए लेफ्ट यूनिटी के साकेत मून 3,028 मतों के साथ एबीवीपी की श्रुति अग्निहोत्री (1,165 वोट) से लंबे अंतर से आगे थे. महासचिव पद के लिए लेफ्ट यूनिटी के सतीश चंद्र यादव 2,228 वोटों के साथ आगे थे. वहीं BAPSA के वसीम आरएस 1,070 मतों के साथ पीछे रहे. लेफ्ट यूनिटी के एमडी दानिश ने 2,938 वोटों के साथ संयुक्त सचिव आगे थे जबकि एबीवीपी के सुमंत कुमार साहू को 1,310 वोट ही हासिल हुए थे.

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