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कश्मीर के विशेषा दर्जे से हुई छेड़छाड़ तो कोई नहीं थामेगा तिरंगा, मेरे लिए इंदिरा ही इंडिया है

जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले क़ानून के मुद्दे से छेड़छाड़ पर कहा कि “ यदि ऐसा हुआ तो कश्मीर में कोई तिरंगा उठाने वाला नही मिलेगा”.

महबूबा मुफ़्ती शुक्रवार को एक इवेंट को संबोधित कर रही थीं, जिसमे उन्होंने कहा-

”एक ओर तो हम कश्मीर मुद्दे को कानून के दायरे में सुलझाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर इसे कोड़े मार रहे हैं। इसे (संविधान के आर्टिकल 35A को चुनौती) कौन और किस लिए कर रहा है?  मैं कहना चाहती हूं कि मेरी  और दूसरी पार्टियां यहां जान हथेली पर लेकर तिरंगा साथ लेकर चलती हैं। मुझे इसमें कोई शक नहीं कि अगर ऐसा हुआ तो राज्य में कोई तिरंगा हाथ में पकड़ने वाला नहीं बचेगा।”

”एक बात और साफ कर देना चाहती हूं कि आर्टिकल 35A और 370 को चुनौती देकर आप अलगाववादियों को टारगेट नहीं कर सकते। उनका एजेंडा अलग है, सिर्फ लोगों को अलग करने का। आप उन लोगों की ताकत को कमजोर कर रहे हैं, जो भारतीय हैं और जिनका भरोसा देश के साथ है। वो लोग चुनाव में हिस्सा लेते हैं और जम्मू-कश्मीर में एक सम्मान की जिंदगी जीना चाहते हैं। इसके बाद भी कई बार कभी आर्टिकल तो कभी स्टेट फ्लैग का मुद्दा उठाया जाने लगता है।”

 

सीएम ने आगे कहा –

”कश्मीर भारत की एक सोच है। अब सवाल ये है कि कश्मीर की  सोच को किस हद तक माना जाए। विवाद इसी बात पर है। जम्मू-कश्मीर के लिए संविधान में खास अधिकार हैं। दुर्भाग्य से कहीं कुछ गलत हो जाता है तो दोनों ओर से लोग एक-दूसरे को बेईमान बताने लगते हैं।”
“दोनों ओर से (केंद्र और राज्य) चली आ रही तनातनी के चलते राज्य 70 साल से परेशानियां झेल रहा है। इन्हें दूर करने की जगह हम सिर्फ साजिश और देशद्रोह का आरोप लगाकर सरकारों को बर्खास्त करते आए हैं। हम अलगाववादियों से निपटने के लिए कश्मीर में सैनिकों की संख्या और गोला-बारूद बढ़ा रहे हैं। सिर्फ इन्हीं फैसलों से कश्मीर मुद्दा हल नहीं किया जा सकता।”

महबूबा ने कहा, ” कश्मीर में बॉर्डर से सटे रोड खोलने के लिए हमें पाकिस्तान की ओर से सकारात्मक कोशिशों की जरूरत है। जब बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन हुआ तो हमें उम्मीद थी कि राज्य में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से वक्त जैसा जादू चलेगा। मैंने मोदीजी से कई बार से कश्मीर में हालात नॉर्मल करने के लिए कारगर कदम उठाने की गुजारिश की। मैं मानती हूं कि वो उनके अंदर ये ताकत है कि वो इसे (कश्मीर मुद्दे) सुलझकर इतिहास पुरुष बनेंगे।”

महबूबा के इस बयान के बाद से ही, उनके साथ सत्ता चलाने वाली भाजपा और विपक्षी पार्टियां उनके पीछे पड़ गईं. हालांकि महबूबा ने जम्मू और कश्मीर के हालात पर जो कहा, उस पर उन्हें बहुत लोगों का समर्थन भी प्राप्त हुआ. पर साथ में सत्ता चलाने वाली भाजपा के नेता पल्ला झाड़ते नज़र आये.

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