Warning: mysqli_query(): (HY000/3): Error writing file '/tmp/MYqB99pb' (Errcode: 28 - No space left on device) in /srv/users/serverpilot/apps/democracia/public/wp-includes/wp-db.php on line 1942

Warning: imagejpeg(): gd-jpeg: JPEG library reports unrecoverable error: in /srv/users/serverpilot/apps/democracia/public/wp-content/themes/kay-theme/functions.php on line 974
जल प्रबंधन को लेकर खुद फेल हो रहा इज़राइल भारत को कुछ नहीं दे सकता- राजेंद्र सिंह - democracia
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

जल प्रबंधन को लेकर खुद फेल हो रहा इज़राइल भारत को कुछ नहीं दे सकता- राजेंद्र सिंह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़रायल दौरे के बाद भारत के कृषि क्षेत्र में इज़रायल की मदद पर जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता और जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने सवाल उठाए हैं। जालौन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए राजेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि इज़रायल से सत्तर साल से हमारे रिश्ते ठीक क्यों नहीं थे। इसका कारण यह था कि इज़रायल ने जॉर्डन और फिलिस्तीन के पानी पर कब्ज़ा कर रखा था। इस पानी को उसने अपनी फ़ौज के लिए ए श्रेणी का घोषित कर पीने के लिए सुरक्षित रखा। इसके साथ ही और भी बहुत सारे कारण थे।
तीन तरह का पानी उपयोग करता है इज़रायल
राजेंद्र सिंह ने कहा कि इज़रायल के पास तीन तरह का पानी है। बी श्रेणी के पानी से वे सब्जियां और अनाज उगाते हैं। सी श्रेणी के पानी से वे फल उगाते हैं। उनका जल प्रबंधन उनके लिए ठीक हो सकता है, हालाँकि वे खुद फेल हो रहे हैं क्योंकि उनके पानी की कीमत बहुत बढ़ गयी है। हम इज़रायल को फॉलो नहीं कर सकते। वह पैसा प्रेरित प्रयोग है। खेती के नाम पर करार से भारत पर बोझ बढ़ेगा। भारत पहले से ही खेती में त्रस्त है। इज़रायल का प्रयोग भारत में और बुंदेलखंड में सफल होगा, इस पर मुझे शंका है। इज़रायल तीन बार जाकर मैं समझ चुका हूँ। भारत की तकनीकि और समझ इज़रायल से बिलकुल अलग है।
इजरायल और भारत के बीच कृषि क्षेत्र में हुआ है समझौता
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़रायल दौरे पर दोनों देशों के बीच 2018 से 2020 तक कृषि क्षेत्र में तीन वर्षीय वर्क प्रोग्राम पर समझौते हुए हैं। दोनों देशों के बीच जल प्रबंधन और तकनीकि के हस्तांतरण पर भी सहमति बनी है। यह भी माना जा रहा है कि बुंदेलखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित कई हिस्सों में कृषि शोध केंद्र भी स्थापित हो सकते हैं। प्रधानमंत्री के इसी दौरे और समझौते को लेकर जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।