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सफूरा ज़रगर को लेकर अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने उठाया सवाल

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा सफूरा जरगर को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरास्त में लिए जाने को लेकर अब अंतराष्ट्रीय संगठन ने सवाल उठाया है. अमेरिका स्थित अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने इस मामले में ट्वीट कर कहा है कि कोरोना महामारी के बीच एक गर्भवती महिला सफूरा जरगर को गिरफ्तार कर कैद में रखना एक गंभीर मामला है.

लगातार उठ रहे हैं सवाल
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग दुनियाभर में धर्म से जुड़े मामलों में भदभाव ना होने की देखरेख करती है. यही वजह है कि दिसंबर के महीने में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए देशव्यापी आंदोलन में सक्रिय रहे लोगों पर प्रशासन की कार्यवाई को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.

कौन है सफूरा जरगर

जम्मू में जन्मी और दिल्ली में पली-बढ़ी सफूरा जरगर जामिया मिलिया की छात्रा हैं, जो इस संस्थान से सोशियोलॉजी में एमफिल कर रही हैं, साथ ही वे जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) की मीडिया संयोजक भी हैं.

वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के जीसस एंड मेरी कॉलेज से ग्रैजुएशन कर चुकी हैं और यूनिवर्सिटी के विमेन डेवलपमेंट सेल की सदस्य थीं और साथ में कैंपस से छपने वाली पत्रिका के प्रकाशन से भी जुड़ी हुई थीं.

सफूरा ने लगभग दो साल तक मार्केटिंग में करिअर बनाने की दिशा में मेहनत की, लेकिन इसे बीच में ही छोड़कर जामिया में दाखिला ले लिया.

बीते साल के अंत में केंद्र सरकार के विवादित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए कई प्रदर्शनों में वे शामिल रही हैं.

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