Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages

डाॅ अलीमुल्लाह खान पर मिनी गुंडा एक्ट लगाना लोकतंत्र की हत्या: डॉ संदीप पांडेय

यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी अगेंस्ट सीएए ,एनआरसी,एनपीआर ने सह संयोजक डॉ अलीमुल्लाह खान पर योगी सरकार द्वारा मिनी गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही करने की निंदा की है।

आज यहां जारी बयान में यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी अगेंस्ट सीएए ,एनआरसी,एनपीआर के संयोजक और मशहूर गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता मैग्सेसे अवार्ड विजेता डॉ संदीप पांडेय ने आंदोलनकारी डॉ अलीमुल्लाह खान पर मिनी गुंडा एक्ट की योगी सरकार की कार्यवाही को लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने बताया कि अलीमुल्लाह को सहायक पुलिस आयुक्त महानगरीय क्षेत्र लखनऊ द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 111/110 जी (मिनी गुंडा एक्ट) के तहत विगत 13 मार्च को नोटिस जारी की गई है और 26 मार्च को पेश होने का आदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि अलीमुल्लाह जेएनयू और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र और लोकप्रिय छात्र नेता रहे हैं। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और न ही किसी आपराधिक मुकदमें में वे आरोपी हैं। मिनी गुंडा एक्ट पेशेवर अपराधियों पर लगाया जाता है उसके तहत एक सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता पर कार्यवाही से जाहिर है कि योगी सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।

गांधीवादी कार्यकर्ता ने कहा कि यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी योगी सरकार द्वारा की गई इस कार्यवाही को गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक मानती है । हम इसको न्यायालय में चुनौती देंगे । इसके साथ ही अहिंसक लोकतांत्रिक प्रतिवाद के जरिये योगी सरकार की तानाशाही को चुनौती देते रहेंगे।

यूपी कोआर्डिनेशन कमेटी के सह संयोजक अजीत सिंह यादव ने कहा कि बर्बर पुलिस दमन के बाबजूद योगी सरकार नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी , एनपीआर के खिलाफ सूबे में आंदोलन को रोकने में सफल नहीं हो सकी है। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जारी आंदोलन से भयभीत मुख्यमंत्री योगी अहिंसक आंदोलनकारियों को निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि योगी एक मठ के मठाधीश रहे हैं और वे
मठाधीश की तरह ही पूरे सूबे को हांक रहे हैं। संविधान ,संवैधानिक मूल्यों और संस्थाओं का सम्मान करना उनके शब्दकोश में है ही नहीं। भाजपा ने योगी को मुख्यमंत्री बनाकर उत्तर प्रदेश की जनता के जनादेश का अपमान किया है।

श्री यादव ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून , एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ जनता का लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।