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इमारत -ए – शरिया बिहार ने नहीं दिया कोई फ़तवा, मीडिया में चली खबर झूठी

सुबह से एक ख़बर चल रही है कि बिहार सरकार के एक मात्र मुस्लिम मंत्री फिरोज़ अहमद के ख़िलाफ़ फुलवारी शरीफ़ स्थित इमारत शरिया ने फ़तवा जारी किया है.

फ़तवे के मुताबिक फिरोज़ अहमद अब इस्लाम से ख़ारिज हो चुके हैं और उनका निकाह भी टूट चुका है.

मीडिया तक ये ख़बर न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने पहुंचाई है मगर ये ख़बर फर्ज़ी है.

इमारत शरिया ने कहा है कि उनकी तरफ से ऐसा कोई फतवा जारी नहीं किया गया है और ना ही वो ऐसे उलूल-जुलूल काम और फ़तवों में यक़ीन रखते हैं.

जिस मौलाना ने ये ‘फतवा’ जारी किया है, एएनआई ने उससे बातचीत का विज़ुअल भी जारी किया है मगर मौलाना ने इमारत शरिया की जानिब से फतवा नहीं दिया है.

इमारत शरिया से बात करने के लिए आप उनकी वेबसाइट से नंबर निकाल कर बात कर सकते हैं, और ख़बर की सच्चाई जान सकते हैं.

मगर डिजिटल मीडिया की कमोबेश सभी समाचार वेबसाइट्स में आपको ये फर्ज़ी ख़बर मिलेगी कि इमारत शरिया ने फतवा जारी किया है.

मुसलमानों की इमेज ख़राब करने वाली ख़बरों पर पत्रकार ऐसा क्यों करते हैं बार-बार, इसपर खुलकर बात किए जाने की ज़रूरत है क्योंकि सब एडिटर से लेकर एडिटर तक ने इस ख़बर को क्रॉसचेक करने की ज़हमत नहीं उठाई.

पहली नज़र में ये एएनआई के रिपोर्टर का कमीनापन नज़र आ रहा है. बहरहाल, जिन वेबसाइट्स ने फर्ज़ी ख़बर छापी है, उनमें से कुछेक के नाम इस प्रकार हैं.

दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, आजतक, एबीपी न्यूज़, न्यूज़18इंडिया, एनडीटीवी, इंडिया संवाद, हरिभूमि, पंजाब केसरी, ज़ी न्यूज़, प्रभात ख़बर, अमर उजाला, जनसत्ता, वन इंडिया, इंडिया डॉट कॉम, आउटलुक आदि.