Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

पार्कों में RSS की शाखा लगने से एतराज नहीं तो नमाज़ पर एतराज क्यों ?

हिसाम सिद्दीकी

रोज़ सुबह सरकारी पार्कों पर कब्ज़ा करके पूरी ज़िंदगी शाखा लगाने वाले हरियाणा के वजीर-ए-आला मनोहर लाल खट्टर को अब पार्कों में जुमे की नमाज मंजूर नहीं है। याद रहे कि गुजिश्ता दिनों गुड़गांव के एक पार्क में मुसलमान जुमे की नमाज़ पढ़ने गए तो हिन्दुत्व के कुछ फर्जी ठेकेदारों ने पार्क में पहुचकर जयश्री राम के नारे लगाते हुए हंगामा किया और मुसलमानों को नमाज नहीं पढने दी।

मामला तूल पकड़ गया तो वजीर-ए-आला मनोहर लाल खट्टर और उनके जहर उगलने वाले वजीर अनिल विज भी हंगामा करने वालों की मदद में मैदान में आ गए। खट्टर ने कहा कि नमाज पढने की जगह मस्जिद और ईदगाह होती है इसलिए मुसलमानों को अवामी जगहों पर नमाज नहीं पढना चाहिए। अनिल विज ने तो सीधे-सीधे यह इल्जाम लगा दिया कि मुसलमान सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के लिए नमाज पढते हैं। हरियाणा के बडी तादाद में रिटायर्ड आईएएस अफसरान ने चीफ सेक्रेटरी को खत लिखकर कहा कि बडे शर्म की बात है कि आप लोग बैठे हैं और मुसलमानों को पार्कों में जुमे की नमाज अदा करने का भी मौका नहीं दिया जा रहा है।

यही बड़ी शर्मनाक बात है। पंजाब-हरियाणा वक्फ बोर्ड ने वजीर-ए-आला खट्टर से कहा है कि सरकार नेे वक्फ की जो जमीनें अपने कब्जे में ले रखी है उन्हें छोड़ दिया जाए तो मुसलमानों को नमाज के लिए जगह की किल्लत नहीं होगी। खत में लिखा गया है कि 19 मस्जिदें भी सरकार के कब्जे में हैं जिनमें कई ऐसी हैं जहां सरकारी दफ्तर खुले हुए हैं। उन मस्जिदों को फौरन खाली किया जाए ताकि मुसलमान उनमें नमाज अदा कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कह रखा है कि नमाज पढने के लिए मस्जिद का होना जरूरी नहीं है। लेकिन जहरीली जेहनियत के मालिक मनोहर लाल खट्टर कहते हैं कि मुसलमानों को मस्जिद और ईदगाह में नमाज पढनी चाहिए। सत्ता के नशे में मनोहर लाल खट्टर और अनिल विज जैसे उनके वजीर इतने अंधे हो चुके हैं कि वह रोज सुबह सरकारी जमीनों पर आरएसएस की शाखा लगवाते हैं। आए दिन भजन कीर्तन के प्रोग्राम होते रहते हैं और कांवड़ियों के लिए हर साल देहरादून-दिल्ली हाईवे हफ्तों के लिए बंद कर दिया जाता है। तब किसी को कोई एतराज नहीं होता है। लेकिन जुमे को अगर महज आधे घंटे के अंदर मुसलमान किसी जगह नमाज पढ लें तो खट्टर और उनके हिन्दुत्ववादी साथियों का कलेजा फटने लगता है।

हरियाणा के साबिक बिजली वजीर और कांग्रेस के सीनियर लीडर अजय यादव ने मनोहर लाल खट्टर के बयान की सख्त मजम्मत करते हुए कहा कि उन्हें पार्क में नमाज पर एतराज करने के बजाए वजीर-ए-आला की हैसियत से मुसलमानोे को नमाज के लिए कोई जगह फराहम कराना चाहिए। उन्होने कहा कि मुसलमानों को पार्कों में नमाज पढने का कोई शौक नहीं है। चूंकि मस्जिदों की कमी है इसलिए मजबूरन वह लोग पार्क में नमाज अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुसलमानों को ही इसके लिए कुसूरवार क्यों ठहराया जा रहा है।

आप हिन्दू लोग तो पार्को में शाखा लगाते है। योगा करते हैं। सडकें घेर कर भजन कीर्तन के प्रोग्राम करते हैं और कांवड़ियों के निकलने के वक्त तो सड़क ही बंद कर देते हैं। मुसलमान तो महज आधे घंटे में जुमे की नमाज अदा करके चले जाते हैं। अजय यादव ने कहा कि वक्फ बोर्ड के चेयर मैन ने उन 19 मस्जिदों को खाली कराने के लिए सरकार को खत लिखा है जिन पर सरकार ने नाजायज कब्जे कर रखे हैं। खट्टर सरकार वक्फ बोर्ड के चेयरमैन के खत का जवाब तक क्यों नहीं दे रही?

याद रहे कि मुसलसल दूसरे जुमे को भी गुरुग्राम में हिंदूवादी तंजीमों के जरिए कई मुस्लिम इलाकों में खुले में नमाज पढ़े जाने की वजह से रूकावट पहुंचाई थी। शहर के कई इलाकों में भीड़ ने ‘जय श्री राम’ और ‘बांग्लादेशी वापस जाओ’ जैसे नारे भी लगाए थे, जिसके बाद कई इलाकों का माहौल कशीदा हो गया था। खासतौर पर यह वाक्यात शहर के मसरूफ इलाकों इफको चैक, उद्योग विहार, लेजर वैली पार्क और एमजी रोड पर हुए थे।

कैंडर टेकस्पेस के बाहर एक पार्क में कार्पोरेट एग्जिक्युटिव्स के एक ग्रुप को भारी हिफाजती बंदोबस्त के बीच नमाज पढ़नी पड़ी थी। 6 अप्रैल को वजीराबाद गांव के कुछ लोगों ने सेक्टर-43 के ग्राउंड में इसकी मुखालिफत की थी। इसके बाद 20 अप्रैल को 6 लोगों ने सेक्टर-53 में एक खाली पड़े प्लाट में भी नमाज में खलल डाला था। साथ ही इन तंजीमोें के कारकुनों ने धमकी भी दी कि अगले जुमे को वह फिर सड़कों पर उतरेंगे ताकि नमाज खुले में न पढ़ी जा सके। कमला नेहरू पार्क में पिछले जुमे को सुबह करीब 10.30 बजे हिन्दुत्ववादी इक्ट्ठा हुए। इन्होंने मिनी सेक्रेटेरियट की जानिब मार्च किया।

हिंदूवादी तंजीमों (संगठनों) के वकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद ‘संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति’ के बैनर तले मजाहिरे भी हुए थे। नमाज की मुखालिफत करने वाले लोगों का कहना था कि जिन छः नौजवानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, वह सरकारी जमीन पर नमाज पढ़े जाने की मुखालिफत कर रहे थे। यही नहीं उनका यह भी इल्जाम था कि सरकारी जमीनों पर कब्जे की नियत के तहत वहां नमाज पढ़ी जा रही है। इसलिए शहर में खुले में नमाज पढ़ने पर बैन लगाया जाए।

मुसलमानों का कहना है कि गुड़गांव में मिलेनियम सिटी समेत शहर में एक सौ दस जगहें ऐसी हैं जो सरकारी जायदाद है जहां पाबंदी से नमाज पढ़ी जाती है लेकिन अब इसे लेकर तनाजा (विवाद) शुरू कर दिया गया है। कुछ तंजीमें इसकी मुखालिफत कर रही हैं। एडमिनिस्ट्रेशन भी चाहता है कि सरकारी जमीन का इस्तेमाल बगैर इजाजत के किसी भी काम के लिए नहीं किया जा सकता। चैंकाने वाली बात तो यह है कि वक्फ बोर्ड अब तक शहर में नमाज के लिए जमीन तय नहीं कर पाया है। इसी वजह से जुमे की नमाज को लेकर दिनभर अफरा-तफरी रही। हरियाणा शहरी डेवलपमेेट अथारिटी (एचएसवीपी) ने एहतियात के तौर सेक्टर-43 के मैदान में बोर्ड लगाकर उसे अपने कब्जे में ले लिया। ऐसे में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं मिली। एडमिनिस्ट्रेशन ने योगा और आरएसएस की शाखा के सिलसिले में यही रवैया अख्तियार नहीं किया।

पुलिस ने दोपहर के वक्त नमाज पढ़ने पहुंचे मुस्लिम तबके के लोगों को कोर्ट का हवाला देते हुए वापस भेज दिया। वहीं सरकारी जमीन पर नमाज पढ़ने की मुखालिफत कर रही हिंदू तंजीमों को भी मैदान से दूर रखा। उन्हें किसी भी तरह की कोई सरगर्मी नहीं करने दी। एसीपी डीएलएफ अनिल यादव खुद मौके पर मौजूद रहे। हालांकि देर शाम हिंदू तंजीमों की तरफ से दावा किया गया कि उन्होंने शहर के आधा दर्जन मकामात पर नमाज की मुखालिफत की। मुस्लिम तबके से कोई रद्देअमल (प्रतिक्रिया) नहीं आया।

शहर में सरकारी जमीन पर नमाज पढ़ने को लेकर पैदा हुए तनाजे (विवाद) पर गुरुग्राम के डिप्टी कमिशनर विनय प्रताप सिंह ने कहा कि इसका मुस्तकिल हल तलाश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा वक्फ बोर्ड से बात हुई है। बोर्ड अपनी जमीनों की शिनाख्त कर रहा है। वहां पर नमाज पढ़ने की इजाजत दी जाएगी।

उन्होंने साफ किया कि किसी भी तबके की इबादत में किसी को दखल अंदाजी करने का अख्तियार नहीं है। ऐसे में किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। उन्होंने कहा मुस्तकबिल में ऐसे तनाजे सामने न आएं इसके लिए गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी), हरियाणा शहरी डेवलपमेट अथारिटी (एचएसवीपी) और हरियाणा स्टेट इण्डस्ट्रियल  कारपोरेश्न और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेट कारपोरेशन लिमिटेड  (एचएसआईआईडीसी) को हिदायत दी गई है कि वह अपनी जमीन को महफूज (सुरक्षित) कर लें। सरकारी जमीन पर किसी को मजहबी सरगर्मियां करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

इन जगहों पर भी है मुखालिफत-

जुमे को दोपहर सेक्टर-39 साइबर पार्क में सरकारी जमीन पर नमाज पढ़ रहे लोगों को यहां पर भी हिन्दू दल के लोग पहुंचे। नमाजियों को वहां से हटाया गया। इत्तेला पर पुलिस  के जरिए मौके पर माहौल को ठीक करवाया गया। अतुल कटारिया चैक पर भी हिन्दू दल के लोग नमाज की मुखालिफत करने पहुंचे। आईएमटी मानेसर चैक पर भी नमाज पढ़ रहे लोगों को यहां पर भी मुखालिफत का सामना करना पड़ा। बगैर इजाजत के नमाज पढ़ रहे मुस्लिम तबके के लोगों को वहां से हटाया गया। गुड़गांव में 110 जगहों पर नमाज पढ़ते रहे है मुस्लिम तबके के लोगों की तादाद गुरुग्राम में छह लाख से ज्यादा है।

लेखक उर्दू साप्ताहिक जदीद मरकज़ के संपादक हैं और वरिष्ठ पत्रकार हैं