Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages

सरकार बनी तो बिजनेस शुरू करने के लिए 3 साल नहीं लेनी होगी इजाजत: राहुल

नई दिल्ली: चुनावी मौसम में न्याय योजना के बाद राहुल गांधी ने एक और वादे का मास्टरस्ट्रोक चला है. इस बार राहुल ने युवाओं को साधा है, राहुल ने राजस्थान के जयपुर में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि युवा बिना किसी कागजी कार्रवाई के बिजनेस शुरू कर सकते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में अभी बिजनेस शुरू करने के लिए तमाम तरह की परमीशन की जरूरत होती है.

बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने न्यूनतम आय योजना ‘न्याय’ का एलान किया था. इस योजना में पांच करोड़ गरीब परिवारों में सालाना 72,000 करोड़ देने का वादा किया है. राहुल गांधी के इस चुनावी वादे पर सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जहां इसे मास्टरस्ट्रोक बता रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे वोट के लिए कांग्रेस का झूठ कह रही है.

जयपुर में क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने कहा, ”2019 के बाद कांग्रेस पार्टी युवा उद्यमियों को व्यापार के लिए पूरी छूट देगी. इसके तहत अगले तीन साल तक आपको सरकार से किसी भी तरह की परमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी. तीन साल बाद जो भी इजाजत होगी वो ले सकते हैं. युवा पूरे हिंदुस्तान में किसी भी तरह का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. मोदी सरकार में अभी बिजनेस शुरू करने के लिए अभी तमाम तरह की कानूनी इजाजत की जरूरत होती है, रिश्वत देनी पड़ती है. इतने में पैसा खत्म हो जाता है.”

NYAY: क्या है राहुल गांधी का सबसे बड़ा चुनावी वादा?
राहुल ने वादा किया है कि कांग्रेस सत्ता में आयी तो देश के 5 करोड़ गरीब परिवारों को सरकार सालाना 72 हजार रुपये नगद देगी. 12 हजार रुपये महीने से कम आमदनी वाले करीब 25 करोड़ लोगों को इसका फायदा होगा. राहुल गांधी के इस ऐलान को मोदी सरकार की ओर से किसानों के दी जा रही है किसान सम्मान निधि के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. जिसके तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. कांग्रेस ने इस योजना के बारे में बताते हुए कहा कि गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये परिवार की गृहणी के खाते में डाले जाएंगे और ये योजना पूरी तरह महिला केंद्रित होगी.

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।