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इस्तीफा देने वाले IAS भ्रष्ट और घूसखोर हैंः मोदी सरकार के पूर्व मंत्री

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से सांसद अनंत कुमार हेगड़े मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने आर्टिकल 370 को लेकर इस्तीफा देने वाले आईएएस अधिकारियों को ‘पैसे लेकर गद्दारी करने वाला’ बताया है। उन्होंने कहा कि जो अफसर आर्टिकल 370 को लेकर केंद्र सरकार को फासीवादी बता रहे हैं और इस्तीफा दे रहे हैं, उन्हें गद्दार कहा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में दो आईएएस अधिकारियों ने मूल अधिकारों के हनन की बात कहते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
हेगड़े का इशारा कर्नाटक के आईएएस अधिकारी और दक्षिण कन्नड़ के डिप्टी कमिश्नर एस शशिकांत सेंथिल की ओर था. सेंथिल के इस्तीफे की खबर शेयर करते हुए हेगड़े ने ट्विटर पर लिखा-
अगर इस आदमी को केंद्र सरकार फासीवादी लग रही है तो हमारे पास इन्हें ‘पैसे खाकर गद्दारी करने वाला’ कहने की आजादी होनी चाहिए. जो अपने असली मालिकों की धुन पर नाचते हैं।

इससे पहले भाजपा के महासचिव बीएल संतोष ने ट्वीट कर इस्तीफा देने वाले आईएएस अधिकारियों को वामपंथी सोच वाला बताया था. संतोष ने कहा-
तीन आईएएस अफसरों ने अपने पद से इसलिए इस्तीफा दे दिया. क्योंकि जो विचारधारा पूरे जनादेश के साथ देश में आगे बढ़ रही है, उनकी सोच उससे अलग है. कल्पना कीजिए वामपंथ में कितनी असहिष्णुता है. कथित उदारवाद का यही रूप है. पूरा देश आपको अच्छी तरह समझता है.

शशिकांत सेंथिल ने 6 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने एक चिट्ठी जारी कर इस्तीफे का कारण मूल अधिकारों का हनन बताया था. उन्होंने लिखा था-
आने वाले दिनों में हमारे देश के बुनियादी ताने-बाने के सामने बेहद कठिन चुनौतियां आने वाली हैं। और मुझे लगता है कि आईएएस से बाहर जाकर मैं अपने काम से लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने का काम जारी रख सकता हूं। ऐसे समय में जब अनैतिक तरीके से लोकतांत्रिक संस्थानों को दबाया जा रहा हो, मैं सिविल सर्विस में रहना अनैतिक समझता हूं।
मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले सेंथिल 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 2017 में वे दक्षिण कन्नड़ के डिप्टी कमिश्नर बने थे। एस शशिकांत सेंथिल पिछले हफ्ते से छुट्टी पर थे। वह एसएम कृष्णा के दामाद और सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ के आत्महत्या मामले की जांच भी कर रहे थे। उनसे पहले एक और आईएएस अधिकारी कानन गोपीनाथन ने इस्तीफा दे दिया था. कन्नन दादरा और नगर हवेली में ऊर्जा, शहरी विकास और कृषि विभाग के सचिव थे। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण जम्मू कश्मीर के लोगों पर लगे प्रतिबंध को बताया था।

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