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हिसाम सिद्दीक़ी ने राज्यपाल को याद दिलाए सरकार पर उनके पुराने तेवर

डेमोक्रेसिया ब्यूरो 

वरिष्ठ पत्रकार एवं साप्ताहिक जदीद मरकज़ के संपादक हिसाम सिद्दीक़ी ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को पत्र लिख प्रदेश के ताज़ा तरीन हालात से वाक़िफ करवाया है। कटाक्ष में लिखे इस पत्र के ज़रिये सिद्दीक़ी ने राज्यपाल से सवाल किए हैं कि अखिलेश सरकार के समय क़ानून व्यवस्था का हिसाब लेने वाले राज्यपाल मौजूदा दौर के जंगल राज में चुप क्यों हैं।

 
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की समाजवादी सरकार पर आप प्रदेश के संवैधानिक मुखिया होने के नाते गहरी नज़र रखते थे। हर महीने क़ानून व्यवस्था,बिजली व्यवस्था और आज़म खान पर आपका कोई न कोई बयान देखकर खुशी होती थी। अहसास होता था कि सरकार पर पैनी नज़र रखने वाला कोई सजग प्रहरी राज भवन में बैठा है।

जनाब मार्च से लेकर आज तक आपका कोई बयान नज़र से नहीं गुज़रा है। हमें फिक्र है कि आपकी सेहत तो ठीक है, सेहत में कुछ ख़राबी तो नहीं। आपकी सेहत की फिक्र की वजह से आपका हालचाल मालूम करने की गरज़ से यह पत्र आपको लिख रहा हूं। मेरा मानना है कि प्रदेश के संवैधानिक मुखिया की सेहत ज़रूर ठीक रहनी चाहिए।

अगर सेहत की खराबी या किसी और वजह से आप अखबार न पढ़ सकें हों तो मैं आपको अवगत करवा दूं कि इस समय प्रदेश में चारों तरफ अमन व अमान है। हां बलात्कार-हत्या और दंगों की वारदातों में इज़ाफा ज़रूर हुआ है, तो यह कोई महत्व के मामलात नहीं हैं। क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ साहब ने विधानसभा में वादा किया है कि प्रदेश को ठीक करने में एक साल का समय लगेगा।

हमें उनके आश्वासन पर पूरा भरोसा है। उनका रिकॉर्ड रहा है कि वह जो कहते हैं वैसा करते हैं। प्रदेश के वर्तमान हालात पर चिंता करने की आवश्यकता फिलहाल नहीं है। आपकी सेहत के लिए रमज़ान के पवित्र महीने में अल्लाह से दुआएं हैं। अल्लाह करे आपकी सेहत ठीक रहे। ताकि आप पिछली सरकार की तरह वर्तमान सरकार की कोताहियों और लापरवाइयों पर संवैधानिक चाबुक चला सकें।

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