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गुजरात में पिछले 22 सालों से जनता की सरकार नहीं चलीः राहुल गांधी

हालांकि गुजरात चुनावों की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में जान लगा रखी है। सोमवार को राहुल गांधी गुजरात की राजधानी गांधीनगर में कांग्रेस के नवसर्जन जनादेश महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने विभिन्न मुद्दों जैसे जीएसटी से लेकर गुजरात में विकास और शिक्षा जैसे मुद्दों पर भाजपा को घेरने की कोशिश की. इसी रैली में अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस का दामन थामा.

क्या कहा राहुल ने –

नैनो बनाने के लिए एक कंपनी को 30-35 हज़ार करोड़ रुपये दिए गए, इतने में गुजरात के किसानों का कर्ज़ माफ हो जाता. लेकिन बीजेपी ने इनकी आवाज़ नहीं सुनी. मोदी जी बताएं कि 35 हज़ार करोड़ से कितनी नैनो कार बनीं.

बीजेपी की जो जीएसटी है, वो जीएसटी नहीं है, ये गब्बर सिंह टैक्स है.

जब भी आप सेल्फ़ी क्लिक करते हैं और उस बटन को दबाते हैं तो एक चीनी नौजवान को रोजगार मिलता है. मोदी जी मेक इन इंडिया की बात करते हैं. गुजरात में आज 30 लाख बेरोज़गार नौजवान हैं. मोदी जी की सरकार 24 घंटे में केवल 450 लोगों को रोजगार दे पाती है.

पूरे देश का बजट लगा दो, पूरी दुनिया का पैसा लगा दो, गुजरात की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता है. गुजरात की आवाज़ को खरीदा नहीं जा सकता.

पूरा गुजरात आंदोलन में लगा है. क्योंकि पिछले 22 सालों से गुजरात में जनता की सरकार नहीं चली है. यहां सिर्फ पांच-दस उद्योगपतियों की सरकार चल रही है. इसलिए गुजरात का समाज सड़कों पर खड़ा है.

अमित शाह के बेटे जय शाह पर नरेंद्र मोदी एक भी शब्द नहीं बोल रहे हैं.

मोदी जी मन की बात कहते हैं. मैं आज मोदी जी को गुजरात के दिल की बात कहना चाहता हूं. गुजरात के युवा शिक्षा चाहते हैं. आपने 22 साल में हर कॉलेज को, हर यूनिवर्सिटी को पांच-दस उद्योगपतियों के हाथ में डाल दिया है. गुजरात का युवा शिक्षा के लिए पैसा नहीं दे पाता है.

पिछले साल हिंदुस्तान की सरकार ने बड़े उद्योगपतियों का एक लाख 20 हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ किया. माल्या जी ने नौ हज़ार करोड़ रुपये लिए. उनके साथ बातचीत हो रही है. लेकिन अपना खून पसीना बहाने वाले गुजरात के किसानों को कहा जाता है कि उनका कर्जा माफ नहीं होगा.

 

 

 

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