Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

सरकार महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए: राहुल

नई दिल्ली। यूपी के उन्‍नाव और जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ में हुई गैंगरेप की वारदातों के विरोध में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात 12 बजे कैंडल मार्च निकाला। मार्च रात 11.45 बजे के आसपास शुरू हुआ। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ इंडिया गेट पर मार्च में हिस्सा लेने पहुंचे। उनके साथ रॉबर्ट वाड्रा भी थे। इस दौरान मार्च में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबीं आजाद, अंबिका सोनी, अजय माकन समेत कई दिग्गज नेता सड़कों पर दिखे।
 राहुल गांधी ने कहा कि, हम चाहते है कि सरकार महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए। यह एक राष्ट्रव्यापी मुद्दा है, ना कि राजनीतिक मुद्दा। आप देख सकते हैं कि सभी पार्टियों के इस मार्च शामिल होने आए हैं।
राहुल गांधी ने इंडिया गेट पर लोगों के संबोधित करते हुए कहा कि, ये पूरे देश का मुद्दा है। ये राजनीतिक मुद्दा नहीं है। हम सरकार को संदेश देना चाहते हैं कि इस मार्च को राजनीतिक न समझें, बल्कि इसे आम लोगों की आवाज समझें।

मार्च में भीड़ की बीच फंसी प्रियंका गांधी को सुरक्षाकर्मियों ने निकाला।

– राहुल गांधी की कैंडल मार्च में निर्भया के माता-पिता भी हिस्सा लेने इंडिया गेट पहुंचे।

– राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने राजपथ पर रोक दिया है। राहुल गांधी अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहीं पर बैठ गए हैं।

– मार्च लेकर आगे बढ़ रहे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मानसिंह रोड पर रोक दिया है। कार्यकर्ता जमीन पर बैठ गए हैं।

– राहुल गांधी की इस मार्च में कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के अलावा कई पूर्व मंत्री भी शामिल हुए।

यह मार्च ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (AICC) के हेडक्वार्टर और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी (DPCC) के ऑफिस से रात 11 बजे शुरू हुई। यह 12 बजे इंडिया गेट पहुंची।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी को इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकलने की दिल्ली पुलिस इजाजत नहीं दी है। बताया जा रहा है कि इंडिया गेट सर्कल के आस-पास भारी तादात में पुलिस बल तैनाती की गई है।

मार्च से पहले राहुल ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘लाखों भारतीयों की तरह आज मेरा दिल भी दुखी है। भारत में महिलाओं के साथ ऐसा व्‍यवहार जारी नहीं रह सकता। इस हिंसा के खिलाफ और न्‍याय की मांग के लिए आज रात मेरे साथ इंडिया गेट पर एक शांतिपूर्ण कैंडल लाइट मार्च का हिस्‍सा बनिए।’

इससे पहले राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि, कैसे कोई व्यक्ति दोषियों को बचाने की मांग कर सकता है। राहुल ने ट्वीट कर कहा था, ‘उन्हें सजा दिए बिना छोड़ा नहीं जा सकता है।’ राहुल गांधी ने इस संबंध में की जा रही राजनीति की भी जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘इस तरह का पाप करने वाले दोषियों को कोई कैसे संरक्षण कर सकता है।’

Democracia एक गैर-लाभकारी मीडिया संस्था हैं। जो पत्रकारिता को सरकार-कॉरपोरेट दबाव से आज़ाद रखने के लिए वचनबद्ध है। इसे जनमीडिया बनाने के लिए आर्थिक सहयोग करें।