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चक्रवात फोनी: मृतकों की संख्या 43 पहुंची

सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद चक्रवात फोनी से प्रभावित तटीय ओडिशा के अधिकांश इलाकों में लगातार आठवें दिन बिजली और पानी की कमी बनी हुई है. इसे लेकर चक्रवात प्रभावितों ने कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया है. वहीं ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ की चपेट में आने से मरने वाले लोगों की संख्या 43 पहुंच गई है.

भुवनेश्वर के रघुनाथपुर में ग्रामीणों ने बिजली और पानी नहीं होने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है,”दस दिन के बाद भी यहां फोनी के कारण हुई तबाही का सर्वेक्षण करने कोई भी नहीं आया है. चूंकि किसी ने भी हमारी बात नहीं सुनी इसलिए हम यहां खड़े हैं.”

तीन मई को फोनी चक्रवात ने भुवनेश्वर और ओडिशा के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी. आज से ठीक एक हफ्ते पहले फोनी ओडिशा के कई इलाकों से टकराया जहां इसने 14 जिलों के 1.5 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को प्रभावित किया. इस तूफान में बिजली के बुनियादी ढांचे और दूरसंचार के साधन पूरी तरह नष्ट हो गए.

आठ दिन बाद 4.5 करोड़ में से सिर्फ आधे लोग ही भुवनेश्वर में दोबारा बिजली प्राप्त कर पाए हैं.

एक अधिकारी के अनुसार राज्य के कटक और खोर्धा जिलों में दो और लोगों की मौत होने की खबर है.

राज्य सरकार ने केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और कटक जिलों के शहरी इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल करने का दावा किया है. हालांकि लोगों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए पारादीप और कटक को जोड़ने वाले सड़क मार्ग और पुरी के साथ भुवनेश्वर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरूद्ध कर दिया.

राज्य की राजधानी के कई हिस्सों में इसी तरह के आंदोलन देखे गए जहां लगातार आठवें दिन बिजली आपूर्ति बाधित रही.

जाजपुर जिले से प्राप्त एक खबर में कहा गया है कि उग्र लोगों ने राज्य सरकार द्वारा घोषित राहत नहीं मिलने पर बिंझरपुर तहसील क्षेत्र में राजस्व विभाग के एक अधिकारी की कथित तौर पर पिटाई कर दी है.

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