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एयरसेल-मैक्सिस केस में चिदंबरम को राहत, दिल्ली कोर्ट से अग्रिम ज़मानत

सीबीआई अदालत ने एयरसेल-मैक्सिस केस में चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को अग्रिम जमानत दे दी। कोर्ट ने यह फैसला ईडी और सीबीआई दोनों से जुड़े मामलों में दिया है। साथ ही अदालत ने चिदंबरम और कार्ति को निर्देश दिया है कि वे जांच एजेंसियों का सहयोग करें।

जज ओपी सैनी ने ईडी से कहा कि 2018 में केस दर्ज करने के बाद आपने जांच के लिए कई बार तारीखें बढ़वाई। जांच में वैसे ही काफी देरी हो चुकी है और शुरुआत से ही सभी दस्तावेज आपके पास हैं। इसकी कोई संभावना नहीं है कि चिदंबरम ने ऐसा कोई अपराध किया है, जबकि वे सरकार में किसी पद पर नहीं हैं। उन पर 1.13 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप गंभीर नहीं हैं। जबकि दयानिधि मारन के खिलाफ रिश्वत का आरोप है, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को बृहस्पतिवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में उन्हें अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय ने दर्ज किया है। शीर्ष अदालत ने चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इंकार करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के 20 अगस्त के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता की अपील खारिज करते हुये कहा कि आर्थिक अपराध के मामलों में अलग तरीके से निबटना होगा क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।

न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि यह अग्रिम जमानत देने के लिये उचित मामला नहीं है। पीठ ने कहा कि इस समय चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। पीठ ने कहा कि जांच एजेन्सी को इस मामले में अपनी जांच करने के लिये पर्याप्त स्वतंत्रता दी जानी होगी।

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