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तंत्र-मंत्र को लेकर विवादों में रहे चंद्रास्वामी का निधन

तांत्रिक चंद्रास्वामी का निधन हो गया। वह 66 साल के थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रास्वामी काफी दिनों से डायलसिस पर थे। पिछले दिनों उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी जिसके बाद उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उनका जन्म 1948 में हुआ था। चंद्रास्वामी का असली नाम नेमी चंद था। वह अपने तंत्र-मंत्र को लेकर भी विवादों में रहे। उनके पिता राजस्थान के रहने वाले थे। चंद्रास्वामी पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप भी लगा था। सुप्रीम कोर्ट ने भी उनको कई मामलों में जुर्माना देने को कहा था।

चंद्रास्‍वामी राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ में जन्‍मे थे। वह बचपन में ही पिता के साथ हैदराबाद चले गए। तब वह नेम‍ि चंद्र जैन हुआ करता थे। नरसिंह राव जब आंध्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे तो उन्होंने युवा चंद्रास्वामी को हैदराबाद युवा कांग्रेस का महासचिव बना द‍िया। इसके बाद वह राजनीति‍ में अपनी पैठ बढ़ाने लगे। वह कुछ ही समय बाद द‍िल्‍ली आ गए। शुरुआत में वह तत्‍कालीन युवा कांग्रेस के महासचिव और मध्य प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता रहे महेश जोशी के बंगले पर सर्वेंट क्‍वार्टर में रहने लगे।

इसी दौरान वह राजनीति से तंत्र-मंत्र की ओर ख‍िंचे। अमर मुनि नामक एक साधु के शिष्य बन कर उन्‍होंने बिहार-नेपाल सीमा पर तांत्रिक साधना की। कुछ द‍िन बाद वह गुरु बन कर सामने आए। उनके भक्‍तों की संख्‍या बढ़ती ही गई। साथ ही कद्दावर भक्‍त भी बढ़ते गए। इनमें कई राजनीतिक हस्‍त‍ियों के अलावा अन्‍य क्षेत्रों के द‍िग्‍गज भी शाम‍िल थे।

टीवी पत्रकार रजत शर्मा ने प्रीतीश नंदी के साथ म‍िल कर चंद्रास्‍वामी का स्‍ट‍िंंग क‍िया था। शर्मा ने इस बारे में एक तकरीर में व‍िस्‍तार से बताया था। नंदी तब ”इलस्‍ट्रेटेड वीकली” के संपादक हुआ करते थे। शर्मा उस समय पत्रकार‍िता में कुछ साल पुराने ही थे और ऑनलुकर पत्र‍िका के संपादक थे। दोनों पत्रिकाओं ने संयुक्‍त रूप से चंद्रास्‍वामी का स्‍ट‍िंंग क‍िया था। शर्मा अपना ब्‍यूरो चीफ बना कर नंदी को उनके यहां ले गए थे। उन्‍हें कुछ ऐसी भनक लगी थी क‍ि प्रीतीश नंदी के पास उनके खि‍लाफ कुछ मसाला है, ज‍िसे वह छापने वाले हैं। चंद्रास्‍वामी ने नंदी के सामने ही इस बात का ज‍िक्र क‍िया और रजत शर्मा से कहा क‍ि कुछ ले-देकर नंदी को कुछ ऐसा-वैसा नहीं छापने के लि‍ए राजी करवा दे। शर्मा ने ऐसा करवाने का आश्‍वासन देकर चंद्रास्‍वामी का भरोसा ज‍ीता और उनका स्‍टि‍ंंग क‍िया। नंदी के कहने पर बाद में चतुराई से एक बार फि‍र शर्मा उन्‍हें लेकर चंद्रास्‍वामी के घर गए। इस बार मकसद था सबूत के तौर पर अपने साथ चंद्रास्‍वामी का फोटो लेना। इसमें भी दोनों कामयाब रहे।