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इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बम धमाके, कई जख्मी

जकार्ता. इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बस स्टेशन के पास दो ब्लास्ट हुए हैं। पुलिस के मुताबिक इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर कुछ बॉडी पार्ट्स नजर आए हैं। पुलिस को शक है कि ये सुसाइड ब्लास्ट थे। 10 मिनट के अंतर से हुए दोनों ब्लास्ट…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईस्ट जकार्ता के पुलिस चीफ एंड्री विबोवो ने मेट्रो टीवी को बताया कि रात करीब 9 बजे (भारतीय समय से दोपहर 2.30 बजे) हुए।
– एक चश्मदीद सुल्तान मोहम्मद फिरदौस ने बताया कि दोनों ब्लास्ट पास-पास ही हुए। इनमें करीब 10 मिनट का अंतर था।
– पुलिस ने बताया कि धमाके काफी तेज हुए। उनकी आवाज साफ-साफ सुनी जा सकती थी।
पिछले साल जनवरी में हुए थे 8 धमाके
– पिछले साल 14 जनवरी को जकार्ता में यूएन ऑफिस के पास आतंकियों ने आठ धमाके किए थे। इसमें सात लोगाें की मौत हो गई थी।
– बाइक से आए 14 हमलावरों ने फायरिंग की थी और ग्रेनेड फेंके थे। बाद में स्पेशल सिक्युरिटी फोर्स ने दो आतंकियों को मार डाला था, जबकि दो ने खुद को उड़ा लिया।
– इस हमले के एक महीने पहले दिसंबर 2015 में आईएस ने धमकी देते हुए कहा था कि हम इंडोनेशिया में ‘लाइव कॉन्सर्ट’ करेंगे।
– न्यूयॉर्क के सूफन ग्रुप ने कहा था कि 500 से 700 इंडोनेशियाई आईएस को ज्वॉइन कर चुके थे। इनमें से कुछ देश लौट आए थे।
इंडोनेशिया के लिए आईएस बड़ा खतरा कैसे?
– इंडोनेशिया में 20 करोड़ से ज्यादा मुस्लिम कम्युनिटी के लोग रहते हैं। हाल के दिनों में सिक्युरिटी एजेंसियों ने इनपुट दिया था कि आईएस इंडोनेशिया में स्लीपर सेल एक्टिव करने में जुटा है।
– 2000 में आतंकियों ने इंडोनेशिया में कई हमले किए थे। पुलिस ने इसके बाद डोमेस्टिक मिलिटेंट सेल्स को काफी हद तक तबाह कर दिया था। लेकिन इंडोनेशिया में एक बार फिर फाइटिंग ग्रुप की तादाद बढ़ने से पुलिस परेशान है।
इंडोनेशिया में पहले भी हुए हैं ब्लास्ट
– अक्टूबर 2002 में बाली बम ब्लास्ट में 202 लोगों की मौत हुई थी।
– 2003 में जकार्ता के मैरिएट होटल के पास हुए ब्लास्ट में 12 लोग मारे गए थे।
– 21 दिसंबर 2015 को नौ संदिग्ध आतंकियों को इंडोनेशिया के अलग-अलग शहरों से पकड़ा गया था।
– ऑस्ट्रेलिया और यूएस से ये इनपुट था कि आईएसआईएस से जुड़े ये आतंकी जावा और सुमात्रा में हमले की साजिश रच रहे थे।

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