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भाजपा नेता का दावा: मुन्ना बजरंगी की तरह मुख़्तार अंसारी को भी मारा जाएगा

उत्तर प्रदेश के माफिया मुन्ना बजरंंगी की बीते नौ जुलाई को बागपत जेल में हत्या के बाद ख़ुद को बनारस में भारतीय जनता पार्टी का नेता बताने वाले डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने ट्वीट कर दावा किया है कि जिस प्रकार मुन्ना बजरंगी को मारा गया है उसी तरह से मऊ से बसपा विधायक और दबंग नेता मुख़्तार अंसारी को भी मारकर कृष्णानंद राय की मौत का बदला पूरा किया जाएगा.

90 के दशक में दबंग विधायक मुख़्तार अंसारी से मुन्ना बजरंगी जुड़ा था. बजरंगी को मुख़्तार अंसारी का दाहिना हाथ भी कहा जाता था. आरोप है कि अंसारी के कहने पर ही बजरंगी ने भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की थी.

मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद ख़ुद को भाजपा नेता बताने वाले डॉ. आदित्य ने सोमवार को ट्वीट कर लिखा, ‘आज स्व. कृष्णानंद राय जी के मौत का आंशिक बदला राजनीतिक सत्ता के हनक द्वारा ले लिया गया. बहुत जल्द ही ठीक इसी प्रकार की व्यूह रचना द्वारा मुख़्तार अंसारी जी को कब्र में दफन करके यह बदला पूर्ण कर लिया जाएगा. जय हो गाजीपुर, जय हो मनोज सिन्हा जी.’

मुन्ना बजरंगी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का कुख्यात गैंगस्टर था. साल 2005 में बजरंगी और उसके गैंग ने गाज़ीपुर के मोहम्‍मदाबाद से भाजपा विधायक कृष्‍णानंद राय समेत छह लोगों की दिनदहाड़े हत्‍या कर दी थी.

लखनऊ हाइवे पर कृष्णानंद राय की दो गाड़ियों पर एके-47 से सैकड़ों गोलियां बरसाई गई थीं. पोस्टमॉर्टम के दौरान हर मृतक के शरीर से 60 से 100 गोलियां बरामद हुई थीं. मुन्ना बजरंगी को 2009 में मुंबई के मलाड इलाके से गिरफ्तार किया गया था. तब से वो जेल में था.

डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ख़ुद को भाजपा के काशी क्षेत्र का यूथ और सोशल मीडिया वॉर रूम का प्रमुख, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रभारी के अलावा काशी क्षेत्र का महासंपर्क अभियान का डेटा प्रमुख बताया है. जिसका उल्लेख उनके फेसबुक पेज पर भी मिलता है.

सिंह ने एक अन्य ट्वीट में बजरंगी की हत्या पर कहा कि भाजपा का केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने से उसका मरना तय था.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘केंद्र एवं राज्य में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार आने पर मुन्ना बजरंगी का मरना तो तय था मगर पुलिस प्रशासन को कब, कहां और कैसे के सोच विचार में इतना समय लग गया वरना यह मैटर कभी का सलट गया होता क्योंकि इस अभियान के पीछे उत्तर प्रदेश के एक केंद्रीय मंत्री की प्रतिष्ठा जो फंसी थी.’

मालूम हो कि बजरंगी की हत्या से कुछ दिन पहले 29 जून को उसकी पत्नी सीमा सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि उनकी पति की जान को ख़तरा है और यूपी-एसटीएफ और पुलिस उनके पति का फ़र्ज़ी एनकाउंटर कर सकती है.

अब मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सीमा सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें मंंत्री मनोज सिन्हा के अलावा भाजपा के एमएलसी सुशील सिंह, पार्टी विधायक अल्का राय, पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी जयंत सिंह और उनके पुत्र प्रदीप को आरोपी बनाया है. सीमा सिंह का आरोप है कि उनके पति की हत्या की साज़िश में ये सभी लोग शामिल हैं.

सीमा ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मैं चाहती हूं कि लाेगों को भी उन राजनेताओं के बारे में पता चले जिन्होंने मेरे पति की हत्या की साज़िश की है. मुझे नहीं पता कि पुलिस मेरे इन आरोपों की जांच करेगी भी या नहीं. लेकिन सच ये है कि मेरे पति राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे थे. उनसे ये तमाम नेता (जिन पर उन्होंने आरोप लगाए हैं) डरे हुए थे.’

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