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‘भारत बंद’ पंजाब में रहा सबसे ज्यादा प्रभावी

‘भारत बंद’ पंजाब में बेहद प्रभावी रहा है। तमाम जिलों में इसका जबरदस्त असर हुआ। बुधवार की सुबह तमाम जिलों और कस्बों में बड़ी तादाद पर लोग सड़कों पर आए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनजीवन एकबारगी पूरी तरह से थम गया। कहीं से हिंसा की कोई खबर नहीं है। अलबत्ता ट्रेनों और बसों के पहिए जाम हो गए। बैंकों में काम स्थगित रहा और तमाम विश्वविद्यालयों के मुख्य द्वार पर भी तालाबंदी रही।

बठिंडा, मुक्तसर, संगरुर, तरणतारन, कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब, अबोहर, फिरोजपुर आदि में भी बंद पूरी तरह कामयाब रहा। मालवा में शिरोमणि अकाली दल के कई कार्यकर्ता, भाजपा के साथ मिलकर बंद को नाकाम करते मिले लेकिन शांतिपूर्वक रोष प्रदर्शन नों ने उनकी मंशा को पूरी तरह धत्ता बता दी। पंजाब के वरिष्ठ वामपंथी नेता मंगतराम पासला कहते हैं।

“देश में प्रतिवादी विचारधारा का कोई स्थान नहीं है, यह पंजाब जरुरत पड़ने पर लगातार साबित किया है । आज भी साबित किया। इस सत्ता के पैरोकार हद दर्जे के बेरहम हैंं लेकिन समूह पंजाबी उनकी अत्याचारों के सामने तनकर खड़े हैं।”

इन शहरों में नहीं दिखा खास असर

पठानकोट में सरकारी बस सेवा बंद है, जबकि प्राइवेट बस सेवा चल रही हैं। कुछ संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बाजार सामान्य रूप से खुले हैं और ऑफिसों भी कामकाज हो रहा है।

फतेहगढ़ साहिब में बंद का कोई असर नहीं। बाजार खुले हैं। पटियाला में पंजाबी यूनिवर्सिटी को छोड़कर शहर में फिलहाल बंद का कोई असर नहीं है।

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