Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Search in posts
Search in pages
Filter by Categories
home
margin
slider
top three
top-four
travel
Uncategorized
viral
young india
कल्चर
दुनिया
देश
लीक से हटकर
विशेष
वीडियो
सटीक
सियासत
हाशिया
हेल्थ

क्योंकि संविधान इनके नहीं, हमारे बाप ने लिखा है, हम हक़ लेकर ही रहेंगेः चंद्रशेखर आज़ाद

जंतर-मंतर से मनीषा भल्ला की रिपोर्ट

फोटोः आरुषी नरचाल

स्थान दिल्ली का जंतर-मंतर, दूर-दूर तक हाथ में नीले झंडे लिए युवाओं की फौज। सिर पर ‘दि ग्रेट चमार’ लिखी टोपियां । अभी तक तो हम यही सुनते आए थे कि किसी को अपनी ऊंची जाति का होने पर गर्व है लेकिन आज जतंर-मंतर पर ‘चमार’ होने पर गर्व की कई तख्तियां नज़र आ रही हैं। ‘जय भीम’  के नारों से आसमान गूंज रहा है। सुबह से ही भीम सेना के बुलावे पर उत्तर भारत के कोने-कोने से दलित समाज के लोग इक्टठा हो रहे हैं।

‘योगी-मोदी’ हाय-हाय, के नारे लग रहे हैं। मंच पर भीम आर्मी के कमांडर चंद्रशेखर के आते ही भीड़ ने हाथ हिलाकर और जय भीम के नारों से उन्हें हाथों-हाथ ले लिया। चंद्रशेखर ने बहुत कुछ ऐसा कहा जो दलित आंदोलन में नई जान फूंकने के लिए काफी है।  मंच से वह कहते हैं कि ‘हमारी माताओं-बहनों की ओर नज़र रखने वालों और उनकी इज्ज़त पर हाथ डालने वालों को हम किसी सूरत में माफ़ नहीं करेंगे।’ चंद्रशेखर ने मंच कुछ मोबाइल नंबरों का ऐलान किया और कहा कि इन नंबरों को अपने मोबाइल में सेव कर लिजिएगा। किसी को कहीं भी कोई दिक्कत हो तो फौरन इन नंबरों पर बताएं, भीम सेना उनके लिए हाज़िर रहेगी।

यही नहीं चंद्रशेखर ने कहा कि वह रावण से प्रेरित हैं। क्योंकि रावण ने राम से सिर्फ इसलिए बदला लिया था क्योंकि राम ने उनकी बहन की बेइज्ज़ती की थी। और तो और रावण ने सीता की मर्जी के खिलाफ उसे हाथ भी नहीं लगाया था।

चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी भीम सेना  संघियों की पतलून गीली कर देगी। भगवा आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगी। गौरतलब है कि सहारनपुर में ठाकुर –दलित विवाद में दलितों ने ठाकुरों के आगे घुटने नहीं टेके बल्कि उनका मुकाबला किया।

आज जंतर-मंतर की युवा भीड़ उस दलित आंदोलन के बदले हुए रूप की भी गवाह है कि जो परंपरागत दलित आंदोलन की दरकती ज़मीन दिखा रहा है।  लग रहा है कि पुरानी इमारतें दरक रही हैं। जंतर-मंतर पर दिखाई दे रहा नया दलित समाज फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोल रहा है, पैसे वाला है और ताकतवर है। सबसे बड़ी बात है कि गुस्सैल है। तीखे तेवर वाला है।

चंद्रशेखर कहते हैं कि हम अपना हक़ मांग रहे हैं, लेकर रहेंगे क्योंकि संविधान ने हमें हक़ दिए हैं और संविधान इनके नहीं हमारे बाप (बाबा साहब) ने लिखा है। बीच-बीच में तालियों की गड़गड़ाहट चंद्रशेखर की आवाज़ को भी दबा देती है। मंच पर गुजरात से आए जिग्नेश मेवाणी ने भी भीड़ को संबोधित किया।

आज सहारनपुर के पीड़ित भी मंच पर हैं। उनके लिए पैसे भी इक्टठे किए जा रहे हैं। लोग दिल खोलकर सहारनपुर पीड़ितों के लिए चंदा दे रहे हैं। बीच-बीच में लोक संगीत भी चल रहा है। जनता उसकी धुनों पर थिरक भी रही है।

प्रदर्शन में नील क्रान्ति लगी तख्तियां लोगों के हाथों में है। मंच से आवाज़ आ रही है कि किसी भी दलित पर कोई झूठा आरोप लगाया गया या उसे झूठा फंसाया गया तो ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। चंद्रशेखर का कहना है कि भीम आर्मी के 200 से ज्यादा लोगों को जेल में डाल दिया गया है। उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।

हालांकि बीते कुछ दिनों से चंद्रशेखर अंडरग्राउंड थे। पुलिस इन्हें ढूंढ रही थी। माना जा रहा था कि आज चंद्रशेखर नहीं आएंगे लेकिन मंच पर आकर उन्होंने सभी को हैरान कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार भी शामिल हुए इनके साथ दलित कार्यकर्ता राम कुमार और कई मुस्लिम नेता भी प्रदर्शन में शामिल हैं। दलित कार्यकर्ता अशोक भारती ने बताया, ‘अब सरकार दलितों को उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने के अधिकार से भी वंचित कर रही है।’