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UP- जेलों में बंद 300 कश्मीरियों को अलग बैरक में डाला गया

आगरा: खबर है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में रह रहे 300 कश्मीरी कैदियों को अलग बैरक में रखा गया है। बीते शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले गुलाम आगरा में अपने 35 वर्षीय बेटे से मिलने गए तो उन्हें वह वहां नहीं मिला।

एक प्रमुख अखबार के अनुसार गुलाम ने कहा कि जेल अधिकारी जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा दिए गए सत्यापित पत्र की मांग कर रहे थे, जो कि उनके पास नहीं था। गुलाम का बेटा कश्मीर घाटी के उन 285 लोगों में से है जिन्हें उत्तर प्रदेश की जेलों में हिरासत में रखा गया है। इसमें से 85 लोगों को अकेले आगरा में हिरासत में रखा गया है। बीते शुक्रवार को आगरा की जेल में 29 और लोगों को भेजा गया।

बता दें कि, 5 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से राजनेताओं, कारोबारी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में रखा गया है। जेल अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर कैदियों की उम्र 18 से 45 के बीच है जबकि कुछ कैदी 50 साल से अधिक उम्र के हैं। सूत्रों के अनुसार, इन कैदियों में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेता, कॉलेज छात्र, पीएचडी उम्मीदवार, प्रचारक, शिक्षक, बड़े कारोबारी और कश्मीरी युवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सुप्रीम कोर्ट के एक वकील शामिल हैं।

आगरा जोन के डीआईजी (जेल) संजीव त्रिपाणी ने कहा, ‘कैदियों को कश्मीर के अलग-अलग जेलों से ले आया गया है। फिलहाल, 85 कैदियों को आगरा के केंद्रीय कारागार में रखा गया है। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच यहां लाया गया और उसके लिए ट्रैफिक रूट में परिवर्तन किया गया। यह संभव है कि अन्य कैदियों को यहां लाया जा सकता है। आने वाले हफ्तों में कुछ सत्यापनों के बाद उनके परिवारों को उनसे मिलने दिया जाएगा। उन्हें रखने के लिए जेल में कोई अन्य बदलाव नहीं किया गया।’

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