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1993 बम ब्लास्टः ताहिर मर्चेंट और फिरोज़ को फांसी की सज़ा

मुंबई सीरियल ब्‍लास्‍ट केस में विशेष टाडा अदालत ने सजा सुना दी है। दोषियों में से अंडरवर्ल्‍ड डॉन अबू सलेम और करीमुल्ला शेख को आजीवन कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माना, रियाज़ सिद्दकी को दस साल की सज़ा सुनाई है।  फिरोज़ अब्दुल  राशिद

खान और ताहिर मर्चेंट को फांसी की सज़ा सुनाई है। अदालत ने अबू सलेम समेत कुल छह को दोषी करार दिया था, एक आरोपी को बरी कर दिया गया था।

सीबीआई ने पांचों दोषियों में 3 को सजा-ए-मौत और दो को उम्रकैद देने की मांग की थी। 16 जून को अदालत ने अबू सलेम के अलावा मुस्तफा डोसा, फिरोज अब्दुल रशीद खान, ताहिर मर्चेंट, करीमुल्ला खान व रियाज सिददीकी को भी दोषी करार दिया था। सलेम को भरूच से मुंबई हथियार लाने का दोषी पाया गया है।

मुस्तफा डोसा को हत्या, साजिश और आतंकी गतिविधियों का दोषी पाया गया है। फिरोज अब्दुल रशीद खान को साजिश रचने और हत्या का दोषी पाया गया था। ताहिर मर्चेंट का धमाके की साजिश में शामिल रहने का दोषी पाया गया था। टाडा कोर्ट का मानना है कि मुस्तफा डोसा, अबू सलेम, ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान मुख्य साजिशकर्ता थे।

 

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